सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के आंकड़ों के अनुसार, पाम तेल आयात जुलाई में जून की तुलना में 37 फीसदी बढ़कर करीब 11 लाख टन रहा। यह अगस्त, 2023 के बाद सबसे अधिक है। सोया तेल आयात 42 फीसदी बढ़कर 391,791 टन रहा। यह 13 महीनों में सबसे अधिक है।
कीमतों में कमी और रिफाइनर्स की ओर से त्योहारों के लिए खरीद से देश का पाम तेल और सोया तेल आयात जुलाई में बढ़कर करीब एक साल के शीर्ष पर पहुंच गया है। इस भारी खरीद से शीर्ष उत्पादक इंडोनेशिया और मलयेशिया के तेल भंडार में कमी आएगी।
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सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के आंकड़ों के अनुसार, पाम तेल आयात जुलाई में जून की तुलना में 37 फीसदी बढ़कर करीब 11 लाख टन रहा। यह अगस्त, 2023 के बाद सबसे अधिक है। सोया तेल आयात 42 फीसदी बढ़कर 391,791 टन रहा। यह 13 महीनों में सबसे अधिक है। सूरजमुखी तेल का आयात 21.3 फीसदी गिरकर 366,541 टन पर आ गया।
वनस्पति तेल की दूसरी बार सबसे ज्यादा खरीद
वनस्पति तेल आयात जुलाई में 22.2 फीसदी बढ़कर 19 लाख टन रहा। यह दूसरा बड़ा रिकॉर्ड है। नवंबर, 2023 से शुरू होने वाले विपणन वर्ष में भारत औसतन 13 लाख टन खाद्य तेल का आयात कर रहा है। अधिक आयात से देश में वनस्पति तेल का भंडार बढ़कर 29 लाख टन हो गया। यह आठ महीनों में सबसे अधिक है।