एसबीआई ने बताया कि महामारी के दौरान 2020-21 के लिए अधिकतर कंपनियों की रेटिंग में गिरावट आई है। निर्माण, कपड़ा, स्टील, रियल एस्टेट, ऑटो उपकरण, रत्न एवं आभूषण क्षेत्र से जुड़ी 2,996 कंपनियों की रेटिंग घटी है, जबकि सिर्फ 182 कंपनियों ने ही बेहतर प्रदर्शन के बूते रेटिंग में इजाफा किया है। रेटिंग में कमी का सबसे बड़ा कारण इन कंपनियों की कमजोर बैलेंस शीट है। सिर्फ कैपिटल गुड्स और इंजीनियरिंग क्षेत्र की 870 कंपनियों की रेटिंग में गिरावट आई है।
सरकार भारी-भरकम बकाए से जूझ रही बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का राहत बढ़ाकर 1.25 लाख करोड़ रुपये कर सकती है। मई में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 90 हजार करोड़ की मदद का एलान किया था।
मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि ऊर्जा मंत्रालय ने इस राशि को 1.25 लाख करोड़ करने की सिफारिश की है। राज्य सरकारें अपने डिस्कॉम के लिए पहले 93 हजार करोड़ का कर्ज मांग चुकी हैं। मार्च तक ही इनका कुल बकाया 94 हजार करोड़ था, जो लॉकडाउन में और बढ़ सकता है। लिहाजा राहत पैकेज की राशि भी बढ़ाई जानी चाहिए।