रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कुछ समय के लिए गिरावट आ सकती है। इसके बाद स्थानीय मुद्रा मजबूत होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के पहले कार्यकाल में रुपये में 11 फीसदी की गिरावट आई थी। हालांकि, यह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में आई गिरावट से कम है।
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 8-10 फीसदी तक कमजोर हो सकता है। एसबीआई की सोमवार को जारी शोध रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कुछ समय के लिए गिरावट आ सकती है। इसके बाद स्थानीय मुद्रा मजबूत होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के पहले कार्यकाल में रुपये में 11 फीसदी की गिरावट आई थी। हालांकि, यह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में आई गिरावट से कम है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप की ऐतिहासिक वापसी ने बाजारों और चुनिंदा परिसंपत्ति वर्गों में जान फूंक दी है। हालांकि, भारत के लिए चुनौतियां और अवसर दोनों हैं। शुल्क में वृद्धि, एच-1बी वीजा प्रतिबंध और मजबूत डॉलर की संभावना से अल्पावधि में अस्थिरता आ सकती है।
...तो देश में बढ़ जाएगी महंगाई
एसबीआई ने अपनी शोध रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि अगर ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में डॉलर के मुकाबले रुपये में 5 फीसदी की गिरावट आती है, तो इससे भारत में महंगाई 25-30 आधार अंक बढ़ जाएगी। हालांकि, इस बढ़ोतरी का असर महंगाई पर बहुत कम होगा। इसके अलावा, एफडीआई के मोर्चे पर भी भारत को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।