सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने गुरुवार को दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का एकल शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 84% बढ़कर 16,891 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले समान तिमाही में यह आंकड़ा 9,163 करोड़ रुपये था। कंपनी का शुद्ध मुनाफा बाजार के 16,219 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक है।
वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में स्टेट बैंक की ब्याज आय 1,17,427 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज 1,06,734 करोड़ रुपये से 10% अधिक है। दिसंबर तिमाही में कर पश्चात लाभ (पीएटी) में मासिक आधार पर 8% की गिरावट देखी गई, जबकि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा 18,331 करोड़ रुपये था।
भारतीय स्टेट बैंक के आय की घोषणा बाजार बंद होने के समय की गई और दोपहर 2:20 बजे बीएसई पर एसबीआई के शेयर 0.55% की गिरावट के साथ 761.85 रुपये पर कारोबार करते दिखे।
एसबीआई के वित्तीय परिणामों के अनुसार ब्याज के रूप में बैंक ने 75,981 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो जुलाई-सितंबर तिमाही में दर्ज 66,918.05 करोड़ रुपये की तुलना में 13% अधिक है।
परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक ने सुधार देखा और सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दिसंबर के अंत में 2.07 प्रतिशत पर आ गईं, जो पिछले वर्ष की तीसरी तिमाही के अंत में 2.42 प्रतिशत थीं। इसी प्रकार, शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) भी घटकर 0.53 प्रतिशत रह गईं, जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 0.64 प्रतिशत थीं।
समेकित आधार पर, एसबीआई समूह का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 24 में 11,064 करोड़ रुपये से 70 प्रतिशत बढ़कर 18,853 करोड़ रुपये हो गया। समेकित कुल आय पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के 1,53,072 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,67,854 करोड़ रुपये हो गई।