डेबिट कार्ड्स से ग्राहकों के खाते में हुई सेंधमारी पर वित्त मंत्रालय सक्रिय हो गया है। सरकार ने शुक्रवार को इस मामले में बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। सरकार ने बैंकों से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। दूसरी ओर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक और यस बैंक अपने उन ग्राहकों को पैसे लौटेने पर विचार कर रहे हैं जिनके सिक्योरिटी डेटा में सेंध से नुकसान हुआ। अंग्रेजी अखबार इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैंक ऐसी सभी ट्रांजेक्शंस की विस्तृत जांच कर रहे हैं, जिनमें वित्तीय डेटा की चोरी के चलते पैसों का नुकसान हुआ।
चीन में जिन एटीएम ने फर्जी कार्ड्स के इस्तेमाल से पैसा निकाला वे भी बैंकों से पैसा वापस लेने के लिए संपर्क कर चुके हैं। बैंकों ने सेंधमारी के इस मामले के जांच के लिए फॉरेंसिक और साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ली है। बैंकों के साथ काम कर रहे जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस सेंध ने मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले एटीएम कार्ड्स को अधिक प्रभावित किया है। भारत के बैंक दो तरह के कार्ड्स जारी करते हैं- चिप वाले कार्ड और मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड।
डेबिट कार्ड्स के डेटा चोरी से प्रभावित एक बैंक के अधिकारी का कहना है, 'हो सकता है कि किसी ने एक बैंक के कार्ड का इस्तेमाल दूसरे किसी अन्य बैंक के एटीएम से पैसा निकालने में किया हो। लेकिन इस मामले में जिन भी ग्राहकों का पैसा गया है, हम उनके घाटे की भरपाई करेंगे। इस मामले में हम दूसरे बैंकों से भी बात कर रहे हैं।'
32 लाख डेबिट कार्ड्स की सुरक्षा खतरे में
डेबिट कार्ड
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दरअअसल, पूरा मामला करीब 32 लाख डेबिट कार्ड्स का डेटा और पिन नंबर चोरी होने का है। ये कार्ड्स ऐसे एटीएम पर इस्तेमाल किए गए हैं जहां से मालवेयर के जरिए सूचनाएं चोरी की गई हैं। मामला कुछ खाताधारकों की शिकायत के बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि चीन में कहीं उनके कार्ड के डेटा का अनाधिकृत इस्तेमाल किया गया।
जिन कार्ड्स के डेटा की सेंधमारी की बात सामने आई है उनमें 26 लाख वीजा और मास्टर कार्ड हैं, वहीं 6 लाख रुपे (Ru Pay) कार्ड प्लेटफॉर्म के हैं। जिन बैंकों के कार्ड सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं उनमें एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीसीआई बैंक, येस बैंक और एक्सिस बैंक शामिल हैं।
कहा जा रहा है कि सेंधमारी की शुरुआत हिताची पेमेंट सर्विस के के सिस्टम में आए मालवेयर से हुई। हिताची एटीएम, पॉइंट ऑफ सेल (PoS) और अन्य सर्विस मुहैया कराती है। हालांकि कंपनी ने अभी इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं है।