देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने शुक्रवार को गर्भवती महिला उम्मीदवारों के लिए भर्ती नियमों में बदलाव की घोषणा की थी। लेकिन कड़ी आलोचना के बाद आखिरकार बैंक ने इन बदलावों को न करने का फैसला किया। एसबीआई की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, अब एसबीआई ने उन नए भर्ती नियमों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। भारतीय स्टेट बैंक की ओर से कहा गया कि जनता की भावनाओं को देखते हुए, एसबीआई ने गर्भवती महिला उम्मीदवारों की भर्ती के संबंध में संशोधित निर्देशों को स्थगित रखने और मामले में मौजूदा निर्देशों के साथ जारी रखने का फैसला किया है।
एसबीआई की ओर से कहा गया कि हाल ही में बैंक में भर्ती के लिए विभिन्न फिटनेस मानकों की समीक्षा की, जिसमें गर्भवती महिला उम्मीदवारों के लिए मानदंड शामिल हैं। बैंक ने एक आधिकारिक बयान में कहा, संशोधित दिशानिर्देशों का उद्देश्य स्वास्थ्य मानकों पर स्पष्टता प्रदान करना था जहां निर्देश स्पष्ट नहीं थे या फिर बहुत पुराने थे। गौरतलब है कि शुक्रवार को बैंक ने घोषणा की थी कि नए नियमों के तहत नई भर्ती की स्थिति में 3 महीने से अधिक की गर्भवती महिला उम्मीदवारों को अस्थायी रूप से अयोग्य माना जाएगा। वे प्रसव के बाद 4 महीने के भीतर बैंक में शामिल हो सकती हैं। नई भर्ती के लिए ये संशोधित निर्देश 21 दिसंबर 2021 से लागू होने और प्रमोशन के मामले में 1 अप्रैल 2022 से लागू होने की बात कही गई थी।
अब भारतीय स्टेट बैंक ने इस मामले पर नए नियमों पर रोक लगाने की घोषणा करते हुए कहा है कि इस संबंध में मानदंडों में संशोधन को महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण के रूप में व्याख्यायित किया जा रहा है। लेकिन, एसबीआई हमेशा अपनी महिला कर्मचारियों की देखभाल और सशक्तिकरण के लिए सक्रिय रहा है, यही कारण है कि हमारे कार्यबल का लगभग 25 फीसदी महिलाएं हैं। बैंक ने कहा कि कोरोना महामारी की अवधि के दौरान, सरकार के निर्देशों के अनुसार, हमने गर्भवती महिला कर्मचारियों को कार्यालय में आने से छूट दी और घर से काम करने की भी अनुमति दी है।