रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी एजीएम में बताया कि सऊदी अरब की अरामको रिलायंस के ऑयल टू केमिकल बिजनेस में 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी जो कि रिलायंस में अभी तक का सबसे बड़ा विदेश निवेश होगा। यह सौदा करीब 75 अरब डॉलर का है।
मुकेश अंबानी ने कहा, 'मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि रिलायंस के इतिहास में सबसे बड़ा विदेशी निवेश को लेकर सहमति बनी है। रिलायंस और सऊदी की अरामको लंबे समय की साझेदारी पर सहमत हुए हैं।'
आरआईएल ऑइल-टु-केमिकल कारोबार का राजस्व पांच लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्पलेक्स है, जिसकी उत्पादन क्षमता प्रति दिन 14 लाख बैरल है। अंबानी ने ये बातें शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहीं। अरामको पांच लाख बैरल तेल हर दिन रिलायंस के जामनगर रिफाइनरी में भेजेगी।
मुकेश अंबानी ने आगे बताया कि कंपनी ने 12,191 करोड़ रुपये के टैक्स चुकाये हैं और हम देश के सबसे बड़े टैक्सपेयर हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य रखा है जिसमें हमारा पूरा सहयोग रहेगा।
उन्होंने आगे बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 67 हजार 320 करोड़ रुपये जीएसटी पर खर्च किया है। इस डील के बाद अरामको लंबे समय तक कंपनी की जामनगर रिफाइनरी को रोजाना 5,00,000 बैरल क्रूड सप्लाई करेगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी है।