कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मंगलवार को होगा। लेकिन इससे पहले सट्टा बाजार भी में चुनाव के नतीजों को लेकर के गर्माहट आ गई है। चुनाव विश्लेषकों की माने तो फिर इस चुनाव के नतीजों का 2019 में होने वाले आम चुनावों पर भी बड़ा असर पड़ेगा। साथ ही यह देश की राजनीति पर भी प्रभाव डालेगा। सटोरियों ने इस चुनाव के नतीजों पर भाजपा पर बड़ा दांव लगाया है, वहीं जेडीएस को किंगमेकर की भूमिका मिलती हुई दिख रही है।
एग्जिट पोल में त्रिशंकु विधानसभा के आसार
चुनाव के बाद प्रमुख चैनलों द्वारा किए गए एग्जिट पोल में त्रिशंकु विधानसभा के आसार दिख रहे हैं। एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा भी सबसे बड़ी पार्टी होगी। कांग्रेस दूसरे नंबर पर और जेडीएस किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है।
भाजपा पर दांव लगाने वालों को मिलेगा दोगुना पैसा
सट्टा बाजार ने भाजपा पर एक पे एक का भाव रखा है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति एक लाख रुपये देता है और राज्य में भाजपा 98 से ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनती है तो फिर उसको दो लाख रुपये मिलेंगे। हालांकि इसके बाद भी अगर पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता तो भी यह जेडीएस या फिर निर्दलीयों के साथ मिलकर के सरकार बना सकती है।
जेडीएस को मिल सकती हैं 35 सीटें
सट्टा बाजार के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की पार्टी जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) को 32-35 सीटें मिल सकती हैं और इस हिसाब अगर भाजपा या कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा तो फिर दोनों दल में कोशिश रहेगी कि वो इसके साथ मिलकर सरकार बना लें। इससे हो सकता है कि पार्टी को मुख्य रोल निभाने को मिल सकता है।
एक लाख के बदले ऐसे मिलेंगे 5 लाख रुपये
सट्टा बाजार के सूत्रों के मुताबिक, एग्जिट पोल से पहले अगर कोई व्यक्ति भाजपा के 125 सीटें जीतने पर दांव लगाता था, तो फिर उसे 5 लाख रुपये मिलने का वादा किया गया था, लेकिन एग्जिट पोल आने बाद इसमें गिरावट देखने को मिली है। वहीं सट्टा बाजार में कांग्रेस को लेकर के किसी तरह का कोई दांव नहीं लग रहा है। फिलहाल राज्य में इसी की सरकार है। अगर कांग्रेस किसी भी कारण से सरकार नहीं बना पाती है, तो फिर यह पार्टी केवल दो राज्यों में सीमित हो जाएगी।
भारत में गैरकानूनी है सट्टा लगाना
देश में हालांकि सट्टा लगाना गैरकानूनी है और अगर कोई भी ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसको सजा भी होगी। इसके साथ ही पैसा डूबने पर किसी तरह की कानूनी मदद भी लोगों को नहीं मिलती है।
डिस्कलेमर-- अमर उजाला किसी भी तरह से सट्टा लगाने या फिर उसमें शामिल होने की गतिविधि का समर्थन नहीं करता है। भारत के कानून के हिसाब से यह गैरकानूनी है। यहां इस खबर का प्रकाशन केवल जानकारी देने के लिए किया गया है। आगे पाठक अपने स्वयंविवेक का खुद इस्तेमाल करें।