केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार की ओर से मनरेगा का नाम बदलने के लिए लोकसभा में लाए गए बिल का विरोध किया। थरूर ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि महात्मा गांधी के रामराज्य का विजन कहीं से भी राजनीतिक नहीं था। यह देश में चुनौतियों से जूझ रहे लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान से प्रेरित ब्लूप्रिंट था। सरकार मनरेगा का नाम बदलकर एक पुरानी विरासत को ही खत्म नहीं कर रही बल्कि राम राज्य की मूल भावना के खिलाफ भी काम कर रही है।
एमजीएनआरईजीए के नाम में बदलाव के विरोध में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "विधेयक का नाम सही नहीं है क्योंकि इसमें दो भाषाओं का इस्तेमाल किया गया है जबकि संविधान के अनुसार एक ही भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। महात्मा गांधी का नाम हटाना अपने आप में ठीक नहीं है, लेकिन इसमें 'राम' शब्द को शामिल करने के लिए कई भाषाओं का इस्तेमाल किया गया है। यह कोई गंभीर मामला नहीं है। महात्मा गांधी राम राज्य की बात करते थे और उनके लिए राम राज्य और ग्राम स्वराज की परिकल्पना एक ही थी। हमारे देश में राम राज्य तभी कायम होगा जब ग्राम स्वराज होगा... हम भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कई अन्य संदर्भों में कर सकते हैं, लेकिन महात्मा गांधी का नाम हटाना सही नहीं है? इसीलिए मैंने कहा था कि भगवान राम के नाम का अपमान न करें, लेकिन उन्होंने वही किया..."
उन्होंने यह भी कहा, "कई राज्यों के पास नए नियमों के अनुसार 40% वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं। केरल में सरकार पहले से ही दिवालिया है, जिसका मतलब है कि अगर पैसा नहीं मिला तो बेरोजगारी बढ़ेगी... इसका मतलब है कि सरकार ने इस बारे में ठीक से नहीं सोचा और संसद में इस पर अच्छी चर्चा होनी चाहिए..."
इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा आज लोकसभा में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), VB-G RAM G बिल, 2025 का विरोध किया। यह बिल दो दशक पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में बदलाव करने पर अपनी आपत्ति दर्ज करना चाहती हूं। MGNREGA पिछले 20 वार्षों से ग्रामीण भारत को रोजगार देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सक्षम रहा है। यह कितना क्रांतिकारी कानून है कि जब इसे बनाया गया तो सदन के सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी सहमती दी थी। इसके द्वारा 100 दिन का रोजगार देश के गरीब से गरीब लोगों को मिलता आया है।
संबंधित वीडियो--