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VB G Ram G Bill: 'देखो ओ दीवानों ये काम मत करो, राम का नाम बदनाम मत करो'; शशि थरूर ने संसद में सरकार को घेरा

Tue, 16 Dec 2025 12:56 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

VB G Ram G Bill: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी मंगलवार को लोकसभा में पेश वीबी जी राम जी बिल का विरोध किया। कांग्रेस सांसद ने क्या कहा, आगे पढ़ें। 
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लोकसभ में शशि थरूर - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार की ओर से मनरेगा का नाम बदलने के लिए लोकसभा में लाए गए बिल का विरोध किया। थरूर ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि महात्मा गांधी के रामराज्य का विजन कहीं से भी राजनीतिक नहीं था। यह देश में चुनौतियों से जूझ रहे लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान से प्रेरित ब्लूप्रिंट था। सरकार मनरेगा का नाम बदलकर एक पुरानी विरासत को ही खत्म नहीं कर रही बल्कि राम राज्य की मूल भावना के खिलाफ भी काम कर रही है।

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थरूर को याद आई बचपन में सुना गाना
मनरेगा की योजना आम लोगों के लिए उत्थान के लिए थी, राजनीति के लिए नहीं। थरूर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "'देखो ओ दीवानों ये काम मत करो, राम का नाम बदनाम मत करो'। शशि थरूर ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने का मामला कुछ ऐसा ही है।

ये भी पढ़ें- Priyanka Gandhi on VB G Ram G Bill: संसद में प्रियंका ने सरकार से पूछा- मनरेगा का नाम बदलने की सनक क्यों सवार?
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वित्तीय अधिकारों या स्वायत्तता  में हस्तक्षेप
शशि थरूर ने कहा कि यह मामला राजकोषीय संघवाद (Fiscal Federalism) के उल्लंघन का मामला है। यह मतलब होता है राज्य सरकारों के बीच वित्तीय शक्तियों और संसाधनों का साफ-साफ बंटवारा। जब इस ढांचे में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के वित्तीय अधिकारों या स्वायत्तता  में हस्तक्षेप किया जाता है, तो इसे 'राजकोषीय संघवाद का उल्लंघन' कहा जाता है।

 

देश में राम राज्य तभी कायम होगा जब ग्राम स्वराज होगा

एमजीएनआरईजीए के नाम में बदलाव के विरोध में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "विधेयक का नाम सही नहीं है क्योंकि इसमें दो भाषाओं का इस्तेमाल किया गया है जबकि संविधान के अनुसार एक ही भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। महात्मा गांधी का नाम हटाना अपने आप में ठीक नहीं है, लेकिन इसमें 'राम' शब्द को शामिल करने के लिए कई भाषाओं का इस्तेमाल किया गया है। यह कोई गंभीर मामला नहीं है। महात्मा गांधी राम राज्य की बात करते थे और उनके लिए राम राज्य और ग्राम स्वराज की परिकल्पना एक ही थी। हमारे देश में राम राज्य तभी कायम होगा जब ग्राम स्वराज होगा... हम भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कई अन्य संदर्भों में कर सकते हैं, लेकिन महात्मा गांधी का नाम हटाना सही नहीं है? इसीलिए मैंने कहा था कि भगवान राम के नाम का अपमान न करें, लेकिन उन्होंने वही किया..."

उन्होंने यह भी कहा, "कई राज्यों के पास नए नियमों के अनुसार 40% वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं। केरल में सरकार पहले से ही दिवालिया है, जिसका मतलब है कि अगर पैसा नहीं मिला तो बेरोजगारी बढ़ेगी... इसका मतलब है कि सरकार ने इस बारे में ठीक से नहीं सोचा और संसद में इस पर अच्छी चर्चा होनी चाहिए..."

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ये भी पढ़ें- विकसित भारत 'जी राम जी' बिल: मनरेगा का नाम बदलने पर प्रियंका का सवाल- क्यों हटा रहे गांधी जी का नाम?

MGNREGA पर प्रियंका ने भी सरकार को घेरा

इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा आज लोकसभा में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), VB-G RAM G बिल, 2025 का विरोध किया। यह बिल दो दशक पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में बदलाव करने पर अपनी आपत्ति दर्ज करना चाहती हूं। MGNREGA पिछले 20 वार्षों से ग्रामीण भारत को रोजगार देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सक्षम रहा है। यह कितना क्रांतिकारी कानून है कि जब इसे बनाया गया  तो सदन के सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी सहमती दी थी। इसके द्वारा 100 दिन का रोजगार देश के गरीब से गरीब लोगों को मिलता आया है।

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