वहीं दूसरे स्थान पर तमिलनाडु में प्रमुख विपक्षी दल और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की अध्यक्षता वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का स्थान है, जिसकी संपत्ति 257.18 करोड़ रुपये है। इसके बाद तीसरे स्थान पर तमिलनाडु में सरकार चला रही एआईडीएमके है, जिसकी संपत्ति 224.84 करोड़ रुपये है। इसकी संपत्ति में 155 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। 2011-12 में पार्टी की कुल संपत्ति मात्र 88.21 करोड़ रुपये थी।
शिवसेना की संपत्ति में 92 फीसदी का इजाफा
शिवसेना, वाईएसआर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की संपत्ति में भी इजाफा देखने को मिला है। 2011-12 में शिवसेना की कुल संपत्ति 20.59 करोड़ रुपये थी जो 2015-16 में बढ़कर 39.568 करोड़ रुपये हो गई। वहीं वाईएसआर कांग्रेस और आप की 2012-13 में कुल संपत्ति 1.165 करोड़ रुपये थी जो कि बढ़कर के 3.765 करोड़ रुपये हो गई है।
कर्ज के बोझ में दबी हैं यह दो पार्टियां
केवल दो पार्टियों पर सबसे ज्यादा कर्जा है। तेलंगाना राष्ट्र समिति और तेलुगू देशम पार्टी पर 15.97 व 8.18 करोड़ रुपये का कर्जा है। एडीआर ने जिन तथ्यों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की हैं उनमें निम्नलिखित पैमाने लिए गए हैं- अचल संपत्ति, लोन व एडवांस, फिक्स डिपॉजिट, टीडीएस, निवेश और अन्य संपत्तियां। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों के बारे में किसी तरह का कोई जिक्र नहीं है।