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ग्रामीण इलाकों में बढ़ेगी छोटी कारों की बिक्री: ह्यूंडई मोटर्स

Mon, 27 May 2019 05:46 AM IST
गौरव द्विवेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एसएस किम, ह्यूंडई मोटर्स (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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देश में यात्री कार बनाने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी ह्यूंडई मोटर्स इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) के अनुसार, राज्यों और केंद्र सरकार के सम्मिलित प्रयासों से गांवों की तस्वीर बदल रही है। ग्रामीण इलाकों में बढ़ती समृद्धि के चलते वहां शहरों के मुकाबले कार की मांग ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, इन इलाकों में बड़ी या स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) के मुकाबले छोटी कारों की मांग ज्यादा है। भारतीय कार बाजार और कंपनी की रणनीति के बारे में एचएमआईएल के एमडी व सीईओ एसएस किम से बातचीत।

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प्रश्न- मोटर वाहन उद्योग अभी बेहतर स्थिति में नहीं है। ऐसे में आप इस क्षेत्र की बेहतरी केलिए नई सरकार से क्या उम्मीद रखते हैं?
उत्तर- नई सरकार से हमारी पहली उम्मीद स्थिर एवं सतत विकास की नीति है। जब सरकारी नीतियों में स्थिरता नहीं होती तो मोटर वाहन उद्योग क्या, किसी भी बड़े उद्योग केलिए काम करना जटिल हो जाता है। यह अच्छी बात है कि एक बार फिर से पुरानी टीम को ही देश की बागडोर संभालनी है। इससे हम अनुमान लगा रहे हैं कि पुरानी नीतियां बरकरार रहेंगी।

प्रश्न- नीतियां स्थिर होने से उद्योग को क्या लाभ मिल सकता है?
उत्तर- क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए पुरानी सरकार ने फेम-वन और फेम-टू की घोषणा की थी। इस क्षेत्र की कंपनियों को डर सता रहा था कि सरकार बदलने की स्थिति में इन नीतियों पर आगे क्या फैसला होगा, लेकिन अब सब कुछ स्पष्ट है। वाहन उद्योग भी फेम-2 का लाभ उठाने के लिए तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश करेगा।
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प्रश्न- जीएसटी लागू होने के बाद से ही ह्यूंडई इसकी दरों को लेकर मुखर रही है। जीएसटी को लेकर आपकी क्या शिकायत है?
उत्तर- हमने हाइब्रिड कारों को लेकर कुछ सहूलियत चाही थी। इस समय हाइब्रिड कारों पर भी जीएसटी की दर अन्य कारों की तरह ही है। यदि हाइब्रिड कार पर जीएसटी ज्यादा होगी तो इसे कैसे बढ़ावा मिलेगा। हमारा मानना है कि सरकार अभी पूरी अर्थव्यवस्था के हिसाब से फैसले ले रही है और आगे चलकर इस क्षेत्र के नियमों में कुछ बदलाव हो सकता है।

प्रश्न- ई-वाहन को बढ़ावा देने वाली फेम-टू नीति में सिर्फ सार्वजनिक परिवहन पर ही सब्सिडी की व्यवस्था है। निजी वाहन पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। इसे किस तरह से देखते हैं?
उत्तर- ई-वाहन की ओर बढ़ रहे कई देश इस समय निजी वाहनों को भी बढ़ावा देने में उद्योग की मदद कर रहे हैं। कई यूरोपीय देश, जापान, कोरिया आदि ई-वाहन उद्योग को काफी सहूलियत दे रहे हैँ। यह इसलिए भी जरूरी है कि ई-वाहन की कीमत काफी ज्यादा होती है। इसे आम जनता तेजी से अपनाए, इसके लिए सरकार की ओर से छूट दिया जाना जरूरी हो जाता है।

प्रश्न- पिछले दो वर्षों से भारत में मोटर वाहन की बिक्री ज्यादा नहीं बढ़ रही है। ऐसे में किस तरह के वाहनों में ज्यादा विकास देखते हैं?
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उत्तर- हमें लगता है कि छोटी कारों में ज्यादा बढ़ोतरी होगी। इस समय ग्रामीण क्षेत्र में मोटर वाहनों की मांग काफी बढ़ी है। वहां अधिकतर छोटी कारों की ही मांग होती है। देखा जाए तो पहली बार कार खरीदने वाले छोटी कार को ही तवज्जो देते हैं। कंपनी भी इस पर विशेष रणनीति के साथ चलेगी।

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