भारत की तीन अग्रणी आईटी कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे आए।
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देश का आईटी सेक्टर इन दिनों अपने कर्मियों के नौकरी छोड़कर जाने की समस्या से परेशान है। छोटी कंपनियों की तो बात ही छोड़िये दिग्गज आईटी कंपनियों टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो भी कर्मचारियों के नौकरी छोड़कर जाने से परेशान हैं। अब इस परिस्थिति को बदलने के लिए अजीम प्रेमजी की कंपनी विप्रो ने पहल शुरू कर दी है। अपने कर्मचारियों को कंपनी से जोड़े रखने के लिए विप्रो ने हर तिमाही यानी तीन महीने के अंतराल पर कर्मियों को सैलरी बढ़ाने और प्रमोशन देने का फैसला लिया है।
कंपनी के सीईओ ने दी जानकारी
विप्रो के सीईओ और एमडी थिएरी डेलापोर्टे ने जून तिमाही के आंकड़े जारी करने के दौरान कहा है कि अब विप्रो अपने हर कर्मचारी को तीन महीने के प्रदर्शन के आधार पर प्रमोशन देगा। इसकी शुरुआत इसी जुलाई महीने से की जाएगी। इसी तरह कंपनी अपनी हर तीन महीने पर कर्मचारियों की सैलरी भी बढ़ाने वाली है। विप्रो (Wipro) की इस योजना का लाभ कर्मचारियों को इसी साल सितंबर महीने से मिलने लगेगा।
डेलापोर्टे ने कहा है कि हमने टैलेंट में जो निवेश किया है, मुझे लगता है कि उसका परिणाम मिलने लगा है। विप्रो के सीईओ और एमडी ने कहा है कि हमने तिमाही के आधार पर प्रमोशन देने की नीति का ऐलान किया है, जो काफी नया है। इससे पहले विप्रो में भी सालाना साइकल के हिसाब से कर्मियों का मूल्यांकन किया जाता था। अब तीन महीने पर प्रमोशन की नीति लागू होने से कर्मचारियों को इसका लाभ मिलना सितंबर महीने में ही शुरू हो जाएगा।
बहाली में टीसीएस और एचसीएल टेक से आगे विप्रो
आपको बता दें कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान विप्रो ने टीसीएस और एचसीएल टेक जैसी कंपनियों से भी ज्यादा हायरिंग की। इस दौरान विप्रो के कर्मचारियों की संख्या 15446 बढ़ी और 30 जून 2022 तक इनकी संख्या बढ़कर 258574 पर पहुंच गई। इस दौरान कंपनी छोड़कर जाने वाले कर्मचारियों की दर मार्च तिमाही के 23.8 फीसदी से कुछ कम होकर 23.3 फीसदी पर आ गई। डेलापोर्टे ने इस बारे में कहा कि विप्रो छोड़कर जाने वालों की दर में लगातार तीन क्वार्टर में कमी आई है।