उद्योग निकाय एम्फी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने अपने ‘म्यूचुअल फंड सही है’ अभियान के लिए सचिन तेंदुलकर और एमएस धोनी से करार किया है। इसका उद्देश्य एक पसंदीदा निवेश विकल्प के रूप में वित्तीय उत्पाद के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करना है। यह पहली बार है, जब एम्फी ने अपने महत्वाकांक्षी निवेशक जागरूकता अभियान को बढ़ावा देने के लिए मशहूर हस्तियों को शामिल किया है। यह अभियान 2017 में लॉन्च हुआ था।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के चेयरमैन निलेश शाह ने कहा कि सचिन और धोनी ने अपने क्रिकेट करिअर में काफी नाम और भरोसा कमाया है। इन दोनों हस्तियों को इस अभियान में शामिल करने से निवेशकों का म्यूचुअल फंडों मे भरोसा बढ़ेगा और वे इसमें निवेश करेंगे।
उन्होेंने कहा कि चाहे क्रिकेट हो या म्यूचुअल फंड दोनों में लंबी अवधि का निवेश ही बेहतर रिटर्न दिला सकता है। एम्फी के मुख्य कार्यकारी एनएस वेंकटेश ने कहा कि क्रिकेट के दोनों हस्तियों को इस अभियान में शामिल कर देशभर के खुदरा निवेशकों के साथ बातचीत को अगले स्तर पर ले जाने का यह सही समय है। वर्तमान में म्यूचुअल फंड उद्योग में 44 कंपनियां है, जो 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन करती हैं।
सचिन ने कहा, मैं एम्फी के जरिए ‘म्यूचुअल फंड सही है’ अभियान से जुड़कर उत्साहित हूं। इस अभियान से म्यूचुअल फंड के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद मिलेगी। वहीं, धोनी ने कहा, मैं इस अभियान से जुड़कर गर्व महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य आधारित दृष्टिकोण रखना, जल्दी शुरू करना, अनुशासित रहना और अस्थिरता से नहीं घबराना, इन चार मंत्रों का मैंने हमेशा पालन किया है। निजी प्रबंधन के संबंध में ऐसा करना जरूरी है।