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Biz Updates:'रूस भारत को कच्चे तेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता',सै मसंग में पहली महिला सीईओ बनीं किम क्यूंग-आह

Wed, 27 Nov 2024 07:21 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Business Updates: एफआईपीआई तेल और गैस पुरस्कार समारोह में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले दो वर्षों में भारत की तेल खरीदारी में नाटकीय बदलाव पर प्रकाश डाला। रूस से तेल आयात फरवरी 2022 के मात्र 0.2 प्रतिशत से बढ़कर हाल के महीनों में लगातार शीर्ष स्थान पर रहा। रूस से कच्चे तेल के आयात पर मंत्री क्या बोले आइए जानें।
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बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि रूस भारत को कच्चे तेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है, जो देश के आयात का 35 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। एफआईपीआई तेल और गैस पुरस्कार समारोह में बोलते हुए, मंत्री ने पिछले दो वर्षों में भारत के तेल सोर्सिंग में नाटकीय बदलाव पर प्रकाश डाला। रूस से तेल आयात फरवरी 2022 में मात्र 0.2 प्रतिशत से बढ़कर हाल के महीनों में लगातार शीर्ष स्थान पर रहा। 

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पुरी ने कहा , "पिछले कुछ समय से रूस भारत को कच्चे तेल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा है। प्रतिशत 35 प्रतिशत से ऊपर होगा, लेकिन यह महीने-दर-महीने बदलता रहता है।" उन्होंने कहा कि यह वृद्धि वैश्विक मूल्य गतिशीलता और उपलब्धता से प्रभावित है, जिसमें भारत हाजिर बाजार की खरीद के साथ दीर्घकालिक अनुबंधों को संतुलित करता है। 

उन्होंने कहा, "फरवरी 2022 में यह 0.2 प्रतिशत जितना कम था, लेकिन फिर यह बढ़ गया। यह कैसे रहेगा और कहां जाएगा, मैं कहता रहता हूं कि ये ऐसे फैसले नहीं हैं जो मंत्रालय लेता है। हमारी तेल विपणन कंपनियां, विशेष ग्रेड के कच्चे तेल के लिए फ्लोर टेंडर जारी करती हैं।" पुरी ने भारत की ऊर्जा साझेदारी की उभरती प्रकृति पर भी जोर दिया, जिसमें सऊदी अरब, यूएई, इराक, कुवैत और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे अन्य महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ताओं का उल्लेख किया गया। 
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केंद्रीय मंत्री ने कहा, "कुछ देशों के लिए, उनके पास दीर्घकालिक समझौते हैं, जबकि अन्य के लिए, वे मौके पर ही खरीद कर रहे हैं और फिर यह कीमत आदि भी एक कारण होता है है। निकट भविष्य में, प्रमुख आपूर्तिकर्ता, सऊदी अरब, यूएई, इराक, कुवैत, संयुक्त राज्य अमेरिका अब बड़े आपूर्तिकर्ता हैं। वैश्विक परिदृश्य में अधिक से अधिक ऊर्जा आ रही है।"

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भारत-रूस व्यापार 2024 में 66 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा, बोले रूसी राजनयिक
रूस के एक वरिष्ठ राजनयिक ने बुधवार को कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024 में रिकॉर्ड 66 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। इसमें पिछले पांच वर्षों की तुलना में पांच गुना वृद्धि होगी। इस साल के पहले आठ महीनों में इसमें नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

रूसी राजनयिक ने कहा कि रूस और भारत 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के महत्वाकांक्षी व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिसे बढ़ते सहयोग और विविध व्यापार अवसरों से बल मिलेगा। कोलकाता में रूसी महावाणिज्यदूत मैक्सिम वी कोजलोव ने भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स (बीसीसी) के सदस्यों के साथ एक संवाद सत्र में कहा, "व्यापार क्षेत्र में विविधता लाने और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की मात्रा बढ़ाने की संभावनाओं पर दोनों देशों के नेताओं के बीच हाल में हुई बातचीत से 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य प्राप्त करने योग्य हो गया है।"

कोजलोव ने कहा, "भारत और रूस रणनीतिक साझेदारों से कहीं अधिक हैं; हम सदाबहार मित्र हैं। हमारा संबंध आपसी विश्वास और साझा हितों पर आधारित है, जिससे हमारे आर्थिक संबंधों का विकास स्वाभाविक और स्थायी है।"

13 नवंबर तक 994 विमानों में बम होने की फर्जी धमकियां मिलीं

सरकार ने बुधवार को कहा कि 13 नवंबर तक 994 विमानों में बम होने की फर्जी धमकियां मिलीं। ऐसी धमकियों से निपटने के लिए सख्त प्रोटोकॉल बनाया गया है। वहीं नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए दमन अधिनियम, 1982 और विमान (सुरक्षा) नियम, 2023 में संशोधन करने की योजना बनाई है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 25 नवंबर को राज्यसभा में बताया कि अगस्त 2022 से 13 नवंबर 2024 तक कुल 1143 फर्जी बम धमकी मिलीं। अगस्त 2022 से दिसंबर 2022 तक 27 धमकियां मिलीं और पिछले साल यह संख्या बढ़कर 122 हो गई। वहीं जनवरी से नवंबर 2024 तक 994 धमकियां मिलीं। मंत्री ने कहा कि हाल ही में आई धमकियां झूठी थीं और भारत के किसी भी हवाई अड्डे/विमान पर कोई खतरा नहीं पाया गया। हालांकि कुछ उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ।
 

भारत का रक्षा क्षेत्र विकास की लंबी राह पर: जेपी मॉर्गन

वैश्विक निवेश बैंकिंग फर्म जेपी मॉर्गन के अनुसार, भारत का रक्षा क्षेत्र बढ़ते पूंजीगत व्यय के कारण पर्याप्त और निरंतर विकास के लिए तैयार है। इसका प्रमुख कारण तेजी से बढ़ता रक्षा निर्यात, घरेलू विनिर्माण पर महत्वपूर्ण जोर, नियोजित पूंजी पर उच्च रिटर्न (आरओसीई), और मजबूत नकदी प्रवाह  है। पिछले एक दशक में, सरकार ने घरेलू रक्षा विनिर्माण के विकास को गति देने के लिए नीति, प्रक्रियाओं और मानसिकता में एक आदर्श बदलाव की पहल की है। जेपी मॉर्गन के अनुसार यह क्षेत्र लंबे समय तक के लिए विकास के शुरुआती चरणों में बना हुआ है।

तिपहिया ई-वाहन पर 2026 तक जारी रहेगी सब्सिडी
 माल ढुलाई वाले इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन पर सब्सिडी जारी रहेगी। सरकार ने 10,900 करोड़ रुपये की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत प्रोत्साहन के दूसरे चरण को आगे बढ़ा दिया है।

सब्सिडी राशि को अब 25,000 रुपये प्रति वाहन तक सीमित कर दिया गया है। पहले यह 50,000 रुपये थी। आठ नवंबर, 2024 से 31 मार्च, 2026 तक वाहन पोर्टल पर पंजीकृत होने वाले 1,24,846 वाहन पहले चरण में इस योजना का  लाभ उठा सकेंगे। एजेंसी
 

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 12 प्रतिशत तक बढ़ेंगी भर्तियां
टेक्नोलॉजी के तेज विकास से अगले छह महीनों में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा क्षेत्र की नियुक्तियों में 10-12 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। क्वेस कॉर्प की रिपोर्ट के अनुसार, जेनरेटिव एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियां वर्ष 2030 तक 10 लाख से अधिक नौकरियों का सृजन करेंगी।

रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई-सितंबर में वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) और साइबर सुरक्षा में प्रतिभा की मांग समूचे देश में अप्रैल-जून की तुलना में क्रमशः 71 प्रतिशत और 58 प्रतिशत बढ़ी है। कुल मांग का 79 प्रतिशत हिस्सा विकास, परीक्षण, नेटवर्किंग और डाटा विज्ञान सहित शीर्ष पांच कौशल से उभरा है।

9% की दर से बढ़ेगा उत्तर भारत का एमएसएमई उद्योग
उत्तर भारत के सूक्ष्म, छोटे और मझोले यानी एमएसएमई उद्योग 2030 तक 9 फीसदी की दर से वृद्धि हासिल कर सकते हैं। खासकर उत्तर प्रदेश की 96 लाख ऐसी इकाइयां इस क्षेत्र को बढ़ाने में आने वाले समय में प्रमुख भूमिका निभा सकती हैं।

यस बैंक के कार्यकारी निदेशक राजन पेंटल ने कहा, यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब व हरियाणा 5 लाख करोड़ डॉलर के जीडीपी लक्ष्य को हासिल करने में ज्यादा योगदान दे रहे हैं। एमएसएमई को दिए कर्ज में सालाना आधार पर यस बैंक की 25.8 फीसदी वृद्धि है। इसमें 36 फीसदी हिस्सा उत्तर भारत से आया है। बैंक के कुल कर्ज में खुदरा और एसएमई का 59 फीसदी हिस्सा है। 
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सैमसंग में पहली महिला सीईओ बनीं किम क्यूंग-आह
सैमसंग बायोएपिस ने किम क्यूंग-आह को सीईओ नियुक्त करके इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है जब इस समूह में महिला इतने बड़े पद पर पहुंची है। आह की नियुक्ति न सैमसंग के लिए बल्कि, कॉरपोरेट दुनिया में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव का उदाहरण है। आह अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।
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