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Rupee vs Dollar: मंदी की आशंका के बीच जोखिम लेने से बच रहे निवेशक, इससे रुपया टूटकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर

Thu, 20 Oct 2022 11:02 AM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rupee vs Dollar: बुधवार को एक उठा-पटक भरे सत्र के बाद घरेलू मुद्रा 83.02 प्रति डॉलर के अपने सबसे कमजोर स्तर पर बंद हुआ था। बुधवार को रुपये में एक ही कारोबारी दिन में 0.76 प्रतिशत की गिरावट दिखी थी।
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कमजोर रुपये के साइड इफेक्ट्स - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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पिछले सत्र में पहली बार 83 रुपये के लेवल को पार करने के बाद लगातार मजबूत हो रहे डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 83.08 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। बाजार के जानकारों के मुताबिक आसन्न मंदी को देखते हुए निवेश जोखिम लेने से बच रहे हैं, जिससे बिकवाली बढ़ी है और रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। ब्लूमबर्ग के अनुसार डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 82.9825 पर खुलने और 83.1212 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद फिलहाल 83.0925 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। घरेलू मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रुपया छह पैसे की गिरावट के साथ 83.06 रुपये पर कारोबार कर रहा है। 

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एक ही दिन में रुपये में 0.76 प्रतिशत की गिरावट 

Dollar vs Rupee - फोटो : amarujala.com

पिछले कारोबारी सेशन में एक उठा-पटक भरे सत्र के बाद घरेलू मुद्रा 83.02 प्रति डॉलर के अपने सबसे कमजोर स्तर पर बंद हुआ था। बुधवार को रुपये में एक ही कारोबारी दिन में 0.76 प्रतिशत की गिरावट दिखी थी। अक्तूबर महीने में रुपया अब तक दो प्रतिशत से अधिक गिर चुका है। इस कैलेंडर वर्ष में ही इसमें 11 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।

आठ साल में डॉलर के मुकाबले कितना कमजोर हुआ भारतीय रुपया? 

Rupee Vs Dollar
इसको लेकर संसद में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने जानकारी शेयर की थी। इसमें बताया गया है कि 2014 में जब केंद्र में नई सरकार का गठन हुआ था, तब एक डॉलर की कीमत 63.33 रुपये थी। 31 दिसंबर 2018 तक ये गिरकर 69.79 रुपये प्रति डॉलर हो गई। इसके बाद 2019 में ये आंकड़ा 70 रुपया तक पहुंच गया। मतलब तक एक डॉलर की कीमत 70 रुपया थी। 

काेरोना संकट के दौरान भी डाॅलर के मुकाबले 70 रुपये थी रुपये की कीमत 

Rupee - फोटो : अमर उजाला
कोरोनाकाल में भी ये 70 पर ही बनी रही। हालांकि, इसके बाद इसमें तेजी से गिरावट दर्ज हुई। 30 जून 2022 तक एक डॉलर की कीमत 78.94 रुपया हो गई। संसद में पेश की गई रिपोर्ट 11 जुलाई 2022 तक के डेटा पर आधारित थी। मतलब 11 जुलाई 2022 तक एक डॉलर की कीमत 79.41 रुपया हो गई थी। अब आज की डेट यानी 20 अक्तूबर 2022 तक एक डॉलर की कीमत 83 रुपया 14 पैसे हो गई है।  

बाकी पड़ोसी देशों की क्या है हालत?

Pakistani Rupee - फोटो : iStock

भारत में एक डॉलर की कीमत अभी 82.32 रुपया है। लेकिन पड़ोसी देशों की हालत और भी अधिक खराब है। पाकिस्तान में एक डॉलर की कीमत 218.14 पाकिस्तानी रुपया है। इसी तरह श्रीलंका में एक डॉलर 365.11 श्रीलंकाई रुपए के बराबर है। चीन इस मामले में मजबूत स्थिति में है। 7.18 चीनी युआन रॅन्मिन्बी के बराबर एक यूएस डॉलर है। 131.74 नेपाली और 104.86 बांग्लादेशी रुपए के बराबर एक यूएस डॉलर है। सबसे खराब स्थिति म्यांमार के करंसी की है। म्यांमार में एक यूएस डॉलर की कीमत 2,095.81 बर्मी क्यात्सो है।

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वित्त मंत्री ने क्यों कहा कि रुपया गिर नहीं रहा, बल्कि डॉलर मजबूत हो रहा

निर्मला सीतारमण - फोटो : Social Media

इसे समझने के लिए हमने अर्थशास्त्र के जानकार प्रो. प्रदीप जोशी से बात की। उन्होंने कहा, 'रुपया गिरे या डॉलर मजबूत हो। बात एक ही है। हालांकि, इसके कहने का तरीका अलग है। दोनों ही मामलों में भारतीय लोगों को नुकसान होगा।' प्रो. जोशी आगे कहते हैं, 'निर्मला सीतारमण कहना चाहती हैं कि भारतीय रुपया अन्य देशों की करंसी के मुकाबले ज्यादा कमजोर नहीं हो रहा है। आंकड़े देखें तो पिछले दिनों यूरो, ब्रिटिश पाउंड, ऑस्ट्रेलियन डॉलर, कनेडियन डॉलर, सिंगापुर डॉलर, स्विस, मलेशियन और चीनी करंसी भारत के मुकाबले ज्यादा कमजोर हुईं हैं।

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