सोने की कीमत बढ़ाने का ट्रेंड बने रहे की संभावना
कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह बताते हैं, इस सप्ताह सोने का बाजार मजबूत रहा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी ऊंचे स्तर पर बना रहा। कीमतें 4,200 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर है, जो कि सप्ताह के सबसे अधिक स्तर पर है। भारत में भी ऐसा ही ट्रेड दिखाई दे रहा है। 24 कैरेट सोना लगभग 1,30,700 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। फेडरल रिजर्व के हालिया ब्याज दरों की कटौती के बाद पश्चिमी देशों के निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश और आकर्षक हेज के तौर पर देख रहे हैं। भारत में, चल रहे शादियों के मौसम से आभूषण की मांग को बढ़ावा मिल रहा है, और यह सपोर्ट 2026 की शुरुआत तक जारी रहने की संभावना है, जिससे बिक्री अच्छी बनी रहेगी। जब तक ब्याज दरों या करेंसी की चाल से जुड़े अचानक झटके नहीं आते, सोने के ऊपर जाने का ट्रेंड बने रहने की संभावना है।
चांदी पहुंची 2 लाख रुपये के करीब
भारतीय सर्राफा बाजार में बीते दिन चांदी ने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए जोरदार तेजी दिखाई। यह एक दिन में ही चांदी 10,600 रुपये उछल कर 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई। एमसीएक्स पर चांदी ने 1,99,220 रुपये का नया ऑल टाइम हाई बनाया, जिसने निवेशकों को चौका दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 64.50 डॉलर (लगभग 5,800 रुपये) प्रति औंस के पार चली गई है।
चांदी की कीमतें बढ़ने की वजह, आगे भी तेजी की संभावना
जानकारों का कहना हैकि वैश्विक सप्लाई की कमी और डॉलर में उतार-चढ़ाव ने कीमतों को बढ़ाया है। इस तेजी ने मंदी करने वाले निवेशकों को भी संभलने का मौका नहीं दिया। विशेषज्ञों के अनुसार चांदी में यह तेजी केवल सट्टेबाजी नहीं बल्कि कई मजबूत कारणों की वजह से दिखाई दे रही है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल और 5जी तकनीक में चांदी के इस्तेमाल की वजह से औद्योगिक मांग 2025 में अत्यधिक बढ़ी है। जबकि सप्लाई सीमित है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी कई वर्षों से उच्च स्तर पर ट्रेड कर रही है, इसका सीध असर भारतीय बाजार में दिखाई दे रहा है। वहीं रुपये की कमजोर होती स्थिति ने भी कीमती धातुओं की कीमतों को बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है।
विशेषज्ञों के कहना है, कम कीमत में, जिन्होंने इसमें निवेश किया उनकी संपत्ति तेजी से बढ़ी है, क्योंकि एक दिन इतना उछाल कम ही देखने को मिलता है। वहीं आभूषणों की खरीदारी करने वालों के लिए यह समय नहीं है, क्योंकि चांदी अब आम खरीदारों की पहुंच से दूर होती जा रही है। मौजूदा तेजी को देखते हुए और औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती मांग की वजह से चांदी 2 लाख रुपये के स्तर को पार कर सकती है, क्योंकि तकनीक चार्ट में आगे भी तेजी की संभावना बनी हुई है।