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Rupee All-Time Low: डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 35 पैसे टूटकर 93.88 तक गिरा

Tue, 24 Mar 2026 04:20 PM IST
Riya Dubey बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम एशिया में तनाव से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता देखने को मिल रही है। मजबूत डॉलर, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेश की निकासी के दबाव में रुपया 35 पैसे गिरकर 93.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। आइए विस्तार से जानते हैं। 
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रुपया बनाम डॉलर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारतीय रुपये में मंगलवार कमजोरी देखने को मिली और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे गिरकर 93.88 (प्रावधिक) पर बंद हुआ। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका असर रुपये पर पड़ा।

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इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.66 के स्तर पर खुला, लेकिन पूरे सत्र के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव बना रहा। कारोबार के अंत में यह 93.88 (प्रावधिक) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 35 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ी अनिश्चितता

फॉरेक्स कारोबारियों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते अनिश्चितता बढ़ी है, जिसके कारण विदेशी निवेशकों की निकासी तेज हुई है। विदेशी फंड के बाहर जाने और महंगे कच्चे तेल ने मिलकर रुपये पर दबाव बनाया है। सोमवार को रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94 के स्तर को पार कर गया, लेकिन अंत में 93.53 पर स्थिर बंद हुआ।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि लगातार विदेशी निवेश निधि (एफपीआई) की निकासी से रुपये पर दबाव बना हुआ है। मजबूत अमेरिकी डॉलर उभरते बाजारों की मुद्राओं को कमजोर बनाए हुए है, और इस महीने रुपये में लगभग 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। बुधवार को रुपये का दायरा 93.65 से 94.25 के बीच रहने की उम्मीद है।

ट्रंप ने दिए नरमी के संकेत

ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका एक सम्मानित ईरानी नेता से बातचीत कर रहा है और दावा किया कि इस्लामिक गणराज्य युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते के लिए उत्सुक है। उन्होंने ईरान को महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य को फिर से खोलने या अपने बिजली संयंत्रों पर हमलों का सामना करने के लिए दी गई समय सीमा को भी बढ़ा दिया, और कहा कि उसके पास अतिरिक्त पांच दिन हैं। हालांकि, ईरान द्वारा ट्रंप के दावों का खंडन और क्षेत्र में जारी शत्रुता ने अनिश्चितता पैदा कर दी, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं।

  • डॉलर सूचकांक, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.23 प्रतिशत बढ़कर 99.18 पर कारोबार कर रहा था।
  • वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.45 प्रतिशत गिरकर 101.4 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
  • घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो सेंसेक्स में 1,372.06 अंकों या 1.89 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज करते हुए यह 74,068.45 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी में 209.65 अंकों या 0.93 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए यह 22,722.30 पर पहुंच गया।
  • एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध आधार पर 10,414.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

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