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Business News: डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा; सोना 350 और चांदी 1200 रुपये हुई सस्ती

Thu, 02 Nov 2023 07:05 AM IST
गुलाम अहमद एजेंसी, नई दिल्ली

सार

रुपया अमेरिकी ट्रेजरी की ऊंची ब्याज दरों से भी रुपया पर दबाव है। साथ ही अब डॉलर की तरलता पर चिंताओं के कारण फॉरवर्ड प्रीमियम में गिरावट से इसे जूझना पड़ रहा है।
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व्यापार समाचार - फोटो : Social Media
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विस्तार
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इक्विटी बाजार में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले नौ पैसा गिरकर अब तक के निचले स्तर 83.33 पर पहुंच गया। आरबीआई ने रुपये को 83.29 से नीचे जाने से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया है फिर भी रुपया उसके पार चला गया है।

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रुपया 83.26 से 83.35 के बीच कारोबार किया। रुपया अमेरिकी ट्रेजरी की ऊंची ब्याज दरों से भी रुपया पर दबाव है। साथ ही अब डॉलर की तरलता पर चिंताओं के कारण फॉरवर्ड प्रीमियम में गिरावट से इसे जूझना पड़ रहा है। फॉरवर्ड प्रीमियम का मतलब मुद्रा बाजार में खरीदी बिक्री से है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी निवेशक ने अगले हफ्ते के लिए डॉलर की तुलना में रुपये के भाव का आकलन किया है तो उस भाव में गिरावट से है।

सेंसेक्स 284 अंक टूटा निफ्टी 19,000 से नीचे
विदेशी पूंजी की निकासी और फेडरल रिजर्व की बैठक के पहले निवेशकों के सतर्क रुख के बीच बुधवार को स्थानीय शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। दोनों मानक सूचकांक करीब आधा फीसदी तक गिर गए। सेंसेक्स 283.60 अंक गिरकर 63,591.33 पर बंद हुआ। निफ्टी 90.45 अंक की गिरावट के साथ 18,989.15 पर बंद हुआ।
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सोना 350 और चांदी 1,200 रुपये हुई सस्ती
वैश्विक बाजारों में कमजोरी से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट रही। सोना जहां 350 रुपये गिरकर 61,700  रुपये प्रति दस ग्राम बंद हुआ, वहीं चांदी 1,200 रुपये टूटकर 74,300 रुपये प्रति किलो के भाव बंद हुई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि सुरक्षित मानी जाने वाली बहुमूल्य धातुओं की मांग में गिरावट आने से इनकी कीमतों में कमजोरी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,978 डॉलर और चांदी 22.55 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

आरबीआई का असर, बॉब डिजिटल प्रमुख का इस्तीफा
बैंक ऑफ बड़ौदा के डिजिटल कारोबार के प्रमुख अखिल गुप्ता ने पद से इस्तीफा दे दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले माह गड़बड़ियों के सामने आने के बाद बॉब वर्ल्ड एप पर नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक लगा दी थी। इसके बाद बैंक ने इस मामले में 11 सहायक महाप्रबंधकों सहित कुल 60 लोगों को निकाल दिया था। बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा, अखिल गुप्ता की जगह शीतल वेंकटेशमूर्ति को डिजिटल चैनल कारोबार व परिचालन का प्रमुख बनाया गया है। 10 अक्तूबर को आरबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा को नए ग्राहकों को मोबाइल एप से जोड़ने पर प्रतिबंध लगाया था। आरबीआई ने ग्राहकों को जोड़ने के मामले में शिकायतों पर कार्रवाई की है।

भारत में रहकर भी खुलवा सकेंगे रूस के बैंकों में खाता
रूस की सरकार ने भारत में रहते हुए रूसी बैंकों में खाता खोलने के नियमों को सरल बनाने का निर्णय लिया है। भारत में रूसी दूतावास ने एक्स पर कहा, रूस के बैंकों और वित्तीय संस्थानों में खाते खोलने के इच्छुक भारतीय नागरिकों के लिए हमारी सरकार ने आसान मानदंड पेश किया है। अब भारत में रहते हुए भी रूसी बैंकों में खाते खोलना या धन जमा करना संभव है। दूतावास ने कहा, फैसले से भारतीय पर्यटक या छात्र रूसी केंद्रीय बैंक के साथ गठबंधन वाले भारतीय बैंक में बिना किसी झंझट के खाता खोल सकते हैं। वित्तीय लेनदेन के लिए तुरंत बैंक कार्ड भी मिल जाएगा। दूतावास ने कहा, ऐसे भारतीय बैंक से संपर्क करें, जिसकी रूस के केंद्रीय बैंक से साझेदारी हो।  

विनिर्माण गतिविधियां आठ माह के निचले स्तर पर
देश में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां अक्तूबर, 2023 में घटकर आठ महीने के निचले स्तर पर आ गईं। नए ऑर्डर में नरमी से उत्पादन की रफ्तार घटने से यह गिरावट आई है। बुधवार को जारी एसएंडपी ग्लोबल इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) अक्तूबर में गिरकर 55.5 पर आ गया, जो फरवरी, 2023 के बाद सबसे कम है। सितंबर में विनिर्माण पीएमआई 57.5 रहा था। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की एसोसिएट निदेशक (अर्थशास्त्र) पॉलियाना डी लीमा ने कहा, गिरावट के बावजूद परिचालन में लगातार 28वें महीने सुधार दिखा। नया ऑर्डर सूचकांक एक साल के निचले स्तर पर, कुछ कंपनियों ने उत्पादों की मौजूदा मांग को लेकर जताई चिंता।

रोजगार सृजन की वृद्धि दर अप्रैल के बाद सबसे धीमी
सर्वे के मुताबिक, नियुक्ति गतिविधियां फीकी पड़ गई और कारोबारी भरोसा पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई। चार फीसदी से भी कम कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर रखा और 95 फीसदी में कार्यबल संख्या अपरिवर्तित रही। रोजगार सृजन की दर अप्रैल के बाद से सबसे धीमी है।

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