आर्थिक अपराध (प्रतीकात्मक फोटो)
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हैदराबाद पुलिस ने एक फाइनेंस कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ सोमवार को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कंपनी ने उच्च ब्याज दरों का वादा करके करीब 400 जमाकर्ताओं से 200 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। एक 70 वर्षीय बुजुर्ग और अन्य की शिकायत के बाद पुलिस ने फर्म और उसके निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं, मामला दर्ज होने से पहले धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों ने सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस) का घेराव कर प्रदर्शन भी किया।
पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग व्यक्ति ने सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस) पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एबिड्स के बीच में स्थित फर्म के दो निदेशकों ने उन्हें अपनी निवेश योजना के बारे में बताय, जिसमें जमा राशि पर 18 से 24 फीसदी रिटर्न का वादा किया। आश्वासन पर विश्वास करते हुए उसने 2012 से 15 के बीच 6 लाख रुपए जमा कर दिए।
निदेशक की बैंक में महाप्रबंधक पत्नी ने की मार्केटिंग
एफआईआर के अनुसार, बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि निदेशकों में से एक की पत्नी हैदराबाद के एक सहकारी बैंक में महाप्रबंधक के पद पर हैं, जिन्होंने उसका उपयोग करके सभी ग्राहकों की मार्केटिंग की।
जनवरी 2024 तक नियमित मिला मासिक रिटर्न
हालांकि, निदेशकों ने जनवरी 2024 तक नियमित मासिक रिटर्न का भुगतान किया, जिसके बाद रिटर्न आना बंद हो गया। तब शिकायतकर्ता फर्म के ऑफिस पहुंचा तो वहां पर ताला लगा मिला। निदेशकों का फोन भी बंद आ रहा था। इस दौरान शिकायतकर्ता को पता चला कि उसके जैसे कई और हैं, जिनसे ठगी हुई है। सभी ने निदेशकों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। जब शिकायतकर्ता निदेशकों के आवास पर पहुंचा तो वहां पर भी ताला लगा हुआ था। निदेशकों का कोई अता-पता नहीं था।
निदेशकों पर धारा 406 और 420 के तहत केस दर्ज
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि फाइनेंस कंपनी के निदेशकों ने आपराधिक इरादे से धोखाधड़ी कर 400 से 500 लोगों से निवेश कराया, जिसके बाद जमा राशि करीब 200 करोड़ रुपए को लेकर फरार हो गए। उन्होंने पुलिस से मामले में जांच कर धोखाधड़ी कर ली गई जमा राशि वापस कराने का अनुरोध किया। बुजुर्ग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने फाइनेंस कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।