लोकसभा में एक सवाल के जवाब में वित्त राज्यमंत्री भगवत किशनराव कराड ने कहा कि आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की दिशा में काम तेजी से चल रहा है। इस बैंक के निजीकरण को लेकर सरकार की तरफ से निवेशकों के लिए रोड-शो का आयोजन किया जा रहा है। उसके बाद संभावित खरीदार रुचि पत्र जमा करेंगे।
वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि कराड ने कहा कि सरकार इसमें रणनीतिक विनिवेश करेगी। बैंक के कर्मचारियों और शेयर धारकों के इंट्रेस्ट का पूरा-पूरा खयाल रखा जाएगा। इस संबंध में विशेष जानकारी शेयर पर्चेज अग्रीमेंट में होगी। बता दें कि सोमवार को आईडीबीआई बैंक के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। गौरतलब है कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी ने 5 मई 2021 में आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश और मैनेंजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर करने की अनुमती दी थी। फिलहाल, जहां आईडीबीआई बैंक में सरकार की 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है, वहीं एलआईसी के पास 49.24 प्रतिशत ऋणदाता है। सरकार ने 2021 में कहा था कि किस हद तक दो हिस्सेदारी का विनिवेश किया जाएगा, इसका फैसला आरबीआई के परामर्श के बाद किया जाएगा।
आईडीबीआई बैंक के विनिवेश के लिए रोड शो एलआईसी की अपनी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश में देरी के बीच हो रहा है। बता दें कि बीमा कंपनी ने एक महीने पहले 13 फरवरी को डीआरएचपी दाखिल किया था, जिसके बाद सेबी ने आईपीओ के लिए हरी झंडी दिखाई थी। हालाँकि, फरवरी के अंत में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल रही है, जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि लिस्टिंग में देरी हो सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एलआईसी ने सोमवार को सेबी के पास नए सिरे से डीआरएचपी जमा किया है।