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Toll Plaza: टोल प्लाजा पर अब नहीं चलेगा कैश, एक अप्रैल से केवल डिजिटल भुगतान ही होगा मान्य

Tue, 31 Mar 2026 06:03 PM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Toll Fees: एक अप्रैल से कई नियमों में बदवाल होने जा रहा है। सरकार टोल प्लाजा पर कैश सेवा को खत्म करने जा रही है। अब टोल प्लाजा पर सिर्फ डिजिटल पेमेंट के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। 
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टोल प्लाजा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल से जुड़े नियमों में बदलाव किया है और अब एक अप्रैल से टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान ही मान्य होगा, यानी अब हाइवे यूजर्स कैश में टोल का भुगतान नहीं कर पाएंगे। एनएचएआई का यह कदम पूरे देश में उसके सभी टोल प्लाजा पर लागू होगा। 

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एनएचएआई के मुताबिक, एक अप्रैल से यात्री केवल टोल प्लाजा पर डिजिटल माध्यम जैसे फास्टैग और यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर पाएंगे। इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली में दक्षता बढ़ाना और पारदर्शिता लाना है। अधिकारियों का मानना है कि पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली से वाहनों को टोल प्लाजा से तेजी से गुजरने में मदद मिलेगी, जिससे लंबी कतारें कम होंगी और यात्रा का समय बचेगा।

बैलेंस न होने पर वाहनों पर जुर्माना?
कैश लेन को हटाने से अधिकारियों को उम्मीद है कि यातायात खासकर व्यस्त समय में सुचारू रूप से चलेगा। टोल बूथों पर तेजी से प्रोसेसिंग से ईंधन की खपत और वाहन उत्सर्जन में भी कमी आने की संभावना है, जिससे स्वच्छ पर्यावरण में योगदान मिलेगा। हालांकि, इस बदलाव से कुछ यात्रियों को असुविधा हो सकती है, खासकर उन लोगों को जो डिजिटल भुगतान के लिए तैयार नहीं हैं। वैध फास्टैग या पर्याप्त बैलेंस न होने पर वाहनों पर जुर्माना लग सकता है या उन्हें टोल प्लाजा पर रोका भी जा सकता है।
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ऐसे मामलों में, यात्रियों के पास टोल बूथों पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन करके यूपीआई के माध्यम से तुरंत भुगतान करने का विकल्प होगा। लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नेटवर्क संबंधी समस्याओं के कारण कभी-कभी ये लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं, जिससे देरी हो सकती है।

चालू यूपीआई एप रखने की सलाह
बाधाओं से बचने के लिए, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि उनका फास्टैग सक्रिय है, उनके बैंक खाते से ठीक से जुड़ा हुआ है और उसमें पर्याप्त शेष राशि है। अपने स्मार्टफोन में बैकअप के रूप में एक चालू यूपीआई एप रखने की सलाह भी दी गई है। यह बदलाव भारत के डिजिटल अवसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राजमार्ग यात्रा तेज, सुगम और अधिक कुशल बनेगी।
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इनपुट: आईएएनएस

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