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सड़क का सफर बनेगा सुरक्षित: हर 30 किमी पर लगेंगे एआई और एएनपीआर कैमरे, गलत पार्किंग पर कसेगा शिकंजा

Thu, 15 Oct 2026 06:23 PM IST
कुमार विवेक बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सड़क परिवहन मंत्रालय यात्रा को सुरक्षित बनाने की बड़ी तैयारी कर रहा है। ताजा प्लान के अनुसार देश के प्रमुख राज्यों में बनेंगे कंट्रोल रूम बनाने और हादसों व लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई करने की पहल की जा रही है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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देश के एक्सप्रेसवे और प्रमुख नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय देश भर के हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत अब हर 30 किलोमीटर की दूरी पर आधुनिक कैमरों का जाल बिछाया जाएगा, ताकि सड़क हादसों पर लगाम लगाई जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके।

क्या है पूरी योजना?

मंत्रालय की योजना के मुताबिक, देशभर के प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेसवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) स्थापित किया जाएगा। सुरक्षा और निगरानी को पुख्ता करने के लिए हर 30 किलोमीटर के दायरे में अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे।

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ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पहचानने वाली तकनीक एएनपीआर- ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस होंगे।
एआई आधारित वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम की मदद से सड़क पर दुर्घटनाओं या किसी अन्य आपात स्थिति का तुरंत पता चल सकेगा, जिससे राहत और बचाव कार्य में लगने वाले समय को कम किया जा सके।

राज्यों में बनेंगे विशेष कंट्रोल रूम

चूंकि यह एक बड़े बजट का प्रोजेक्ट है, इसलिए इसके फंड मॉडल पर मंथन चल रहा है। इसके साथ ही योजना के शुरुआती चरण में राज्य मुख्यालयों में अलग-अलग कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। इन कंट्रोल रूम्स में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राज्य सरकार की संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों की संयुक्त तैनाती होगी। इससे यह फायदा होगा कि कार्रवाई करने में कोई देरी नहीं होगी और अधिकार क्षेत्र के हिसाब से केंद्र या राज्य स्तर पर तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा।

गलत पार्किंग और अवैध ढाबों पर भी कसेगा शिकंजा

एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर कई बार सड़क किनारे खड़े लावारिस या खराब ट्रक बड़े हादसों का सबब बन जाते हैं। मंत्रालय ऐसे मामलों से निपटने के लिए भी सख्त कदम उठा रहा है। हाईवे पर गलत तरीके से खड़े वाहनों और नियमों का उल्लंघन करने वालों का ऑटोमैटिक चालान काटा जाएगा।
उन होटलों और ढाबों पर भी शिकंजा कसा जाएगा जिन्होंने नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे के पास अवैध रूप से अपने रास्ते या एंट्री खोल रखी हैं। इस संबंध में राज्य सरकारों से बातचीत जारी है, क्योंकि ऐसी जमीनी कार्रवाई संबंधित राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आती है।

दिल्ली-एनसीआर में तेजी से चल रहा काम

इस प्रोजेक्ट की शुरुआत एनसीआर क्षेत्र से हो चुकी है। द्वारका एक्सप्रेसवे के 58 किलोमीटर लंबे हिस्से में एटीएमएस लगाने का काम पूरी तरह से पूरा हो चुका है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 के 75 किलोमीटर हिस्से में यूईआर-2 सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर कैमरे लगाने के लिए आधिकारिक टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में आवागमन पूरी तरह सुरक्षित और अनुशासित बनेगा।

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