कर्मचारियों पर लगातार बढ़ रहे खर्च से चिंतित रेलवे बोर्ड ने अपने सातों जोनों को कर्मचारियों के ओवरटाइम, रात की ड्यूटी व यात्रा, ईंधन और रखरखाव खर्चों की समीक्षा करने को कहा है।
रेलवे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई एक त्रैमासिक समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि रेलवे के सातों जोन में सामान्य संचालन व्यय (Ordinary Working Expenses, OWE) में वर्तमान वित्तीय वर्ष में मई महीने तक पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले औसतन 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इन जोन्स में इस मद में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के खर्चे में 37.9%, उत्तर रेलवे में 35.3%, दक्षिण मध्य रेलवे में 34.8%, दक्षिण पश्चिम रेलवे में 33.1%, उत्तर पश्चिम रेलवे में 29%, पश्चिम रेलवे में 28% और उत्तर मध्य रेलवे में 27.3% की वृद्धि दर्ज की गई है।
समाचार एजेंसी के एक सवाल के जवाब में रेलवे ने कहा कि बजट अनुमानों में 2022-23 के लिए कुल परिचालन खर्च 2.32 लाख करोड़ रुपये है। चूंकि खातों का ऑडिट होना बाकी है, संबंधित आंकड़े फिलहाल अस्थायी (Provisional) हैं।
रेलवे की ओर से कहा गया है कि उसने वित्त मंत्रालय की ओर से परिचालित की गई व्यय नियंत्रण और प्रबंधन उपायों के आधार पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभिन्न मोर्चों पर खर्चों को कम करने के लिए मंथन किया जा रहा है और जरूरी उपाय लागू किए जा रहे हैं।