कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में कई कंपनियों ने भारत की लड़ाई में साथ देने के लिए सरकार को आर्थिक मदद की है। वित्तीय सेवा प्रदाता एचडीएफसी समूह ने कोरोना वायरस के खिलाफ जारी अभियान में प्रधानमंत्री राहत कोष (पीएम-केयर्स फंड) में 150 करोड़ रुपये देने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) ने कहा है कि वह कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए बनाए गए पीएम-केयर्स कोष में 6.16 करोड़ रुपये का योगदान कर रही है।
इस संदर्भ में एचडीएफसी लिमिटेड के चेयरमैन दीपक पारीक ने एक बयान में कहा, ‘‘यह हम सभी के लिये अनिश्चित और प्रयास करने वाला दौर है। पीएम केयर्स फंड में हमारा योगदान केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सशस्त्र बलों, अर्द्धसैनिकों, पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों आदि की सराहना के लिये है।’’
वहीं आरआईएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पीके रथ ने कहा कि 6.16 करोड़ रुपये में से 1.16 करोड़ रुपये पहले ही कोष में जमा किए जा चुके हैं। इसके अलावा कंपनी आंध्र प्रदेश में अपने संयंत्र के आसपास रहने वाले लोगों को भोजन के पैकेट, मास्क और हैंड सैनिटाइजर जैसे जरूरी सामान उपलब्ध करा रही है।
संकट की घड़ी में पीएम केयर्स का गठन
कोरोना वायरस महामारी के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन कर दिया है। ऐसे में कारोबार बंद हो चुके हैं। देश को प्रतिदिन आर्थिक मोर्चे पर नुकसान हो रहा है। इस संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री नागरिक सहायता एवं आपात स्थिति राहत कोष’ (पीएम केयर्स) का गठन किया है। इसके तहत कई दिग्गजों ने दिल खोल कर आर्थिक मदद करना शुरू कर दिया है।
अन्य कंपनियों ने भी की आर्थिक मदद
- विप्रो लिमिटेड, विप्रो एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन - 1,125 करोड़ रुपये
- केआईओसीएल - 10 करोड़ रुपये
- भेल - 15.72 करोड़ रुपये
- भारती एंटरप्राइजेज - 100 करोड़ रुपये
- टाटा संस और टाटा ट्रस्ट - 1,500 करोड़ रुपये
- पेटीएम - 500 करोड़ रुपये
- मुकेश अंबानी - 500 करोड़ रुपये
- गौतम अडाणी - 100 करोड़ रुपये
- अडाणी फाउंडेशन - 100 करोड़ रुपये
- रेल मंत्रालय - 151 करोड़ रुपये