मुकेश अंबानी 20 साल पहले रिलायंस के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बने थे। रिलायंस की कमान संभालते ही सफलता के झंडे गाड़ने का जो सिलसिला शुरु हुआ वह आज तक जारी है।आज धीरूभाई की 90वीं जयंती भी है। मुकेश अंबानी की अगुवाई में, पिछले दो दशकों में कंपनी ने राजस्व लाभ के साथ-साथ बाजार पूंजीकरण में लगातार दो अंकों की वृद्धि दर हासिल की है। इस दौरान कंपनी का बाजार पूंजीकरण 42 गुना बढ़ा तो लाभ में करीब 20 गुना की वृद्धि हुई है।
देश की सबसे बड़ी कंपनी की सफलता की कहानी के कई महत्वपूर्ण अध्याय मुकेश अंबानी ने अपने हाथों से लिखे हैं। तेल से शुरु कर कंपनी ने दूरसंचार और रिटेल में कई मुकाम हासिल किए हैं। मुकेश अंबानी ने ही सबसे पहले डेटा को ‘न्यू-ऑयल’ कहा था। आज इंटरनेट डेटा आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी को बदलने में अहम योगदान दे रहा है।
# टेलीकॉम सेक्टर में मुकेश अंबानी ने सफलता की नई लकीर खींची
अंबानी ने देश ही नही दुनिया की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में से एक रिलायंस जियो को खड़ा किया। जिसने बहुत ही कम समय में सफलता के झंडे गाड़ दिए। जियो के आने के बाद देश ने डिजिटल वर्ल्ड में जो दौड़ लगाई उसे देख दुनिया ने दांतों तले अंगुली दबा ली। आज सबसे अधिक डिजिटल लेन देन का रिकॉर्ड भारत के नाम है। ठेले से लेकर 5स्टार होटल तक में डिजिटल पेमेंट की सुविधा है। इसके पीछे सरकार के प्रयास तो है ही किंतु रिलायंस जियो को भी इसका पूरा श्रेय जाता है। जिसने एक नई लकीर खींच दी। जो डेटा करीब 250रु प्रति जीबी मिलता था वो जियो के आने के बाद औंधे मुंह गिर कर 10 रु के आसपास पहुंच गया। डेटा खपत में भी देश ने लंबी छलांग लगाई, 2016 में 150 वें नंबर से सबको पछाड़ते हुए दुनिया में भारत ने पहला स्थान हासिल कर लिया है।
विजनरी मुकेश अंबानी भविष्य की रिलायंस बनाने की तैयारी में भी जुट गए हैं। 75 हजार करोड़ रु के निवेश से जामनगर में न्यू एनर्जी के लिए 5 गीगा फैक्टरी लगाने की योजना पर काम को रहा है।सोलर एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए एनर्जी सोर्स पर भी रिलायंस तेजी से काम कर रहा है।