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Market: जेन स्ट्रीट जैसी दिग्गज कंपनियां पीछे हटीं तो खुदरा व्यापार हो सकता है प्रभावित, बोले जीरोधा के सीईओ

Sat, 05 Jul 2025 02:46 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जीरोधा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नितिन कामथ ने आगाह किया है। उन्होंने कहा है कि अगर जेन स्ट्रीट जैसी स्वामित्व वाली ट्रेडिंग कंपनियां, जो विकल्प कारोबार में करीब 50 प्रतिशत का योगदान देती हैं। ऐसे में ये अगर बाजार में अपनी भागीदारी कम कर देती हैं तो खुदरा कारोबार की गतिविधि प्रभावित हो सकती है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें
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सेंसेक्स क्लोजिंग बेल - फोटो : PTI
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विस्तार
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जीरोधा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नितिन कामथ ने आगाह किया है। उन्होंने कहा है कि अगर जेन स्ट्रीट जैसी स्वामित्व वाली ट्रेडिंग कंपनियां, जो विकल्प कारोबार में करीब 50 प्रतिशत का योगदान देती हैं। ऐसे में ये अगर बाजार में अपनी भागीदारी कम कर देती हैं तो खुदरा कारोबार की गतिविधि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से एक्सचेंजों और ब्रोकरों दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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कामथ ने एक्स पर कहा, "जेन स्ट्रीट जैसी प्रॉप ट्रेडिंग फर्म ऑप्शन ट्रेडिंग वॉल्यूम का लगभग 50% हिस्सा हैं। यदि वे पीछे हटते हैं- जो कि संभावित है- तो खुदरा गतिविधि (~ 35%) भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह एक्सचेंजों और ब्रोकर्स दोनों के लिए बुरी खबर हो सकती है," 

उन्होंने कहा, "हम अगले कुछ दिन इसका खुलासा करेंगे। एफएंडओ वॉल्यूम से पता चल सकता है कि हम इन प्रॉप दिग्गजों पर कितने निर्भर हैं।" शुक्रवार की सुबह जारी आदेश में बाजार नियामक ने न्यूयॉर्क स्थित हेज फंड जेन स्ट्रीट (जेएस) को नकदी और वायदा एवं विकल्प बाजार में एक साथ दांव लगाकर अच्छा मुनाफा कमाने के लिए सूचकांकों में हेरफेर करने का दोषी पाया।
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इसने हेज फंड को बाजार तक पहुंचने से रोक दिया है और 4,843 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ जब्त कर लिया है। जांच में पाया गया है कि जनवरी 2023 से मई 2025 तक की जांच अवधि के दौरान जेएस ने शुद्ध आधार पर 36,671 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।

कामथ ने कहा कि यदि जेन स्ट्रीट के खिलाफ आरोप सही हैं, तो यह "बाजार में खुलेआम हेरफेर" है और एक्सचेंज की चेतावनियों के बावजूद यह जारी रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि एक्सचेंजों से चेतावनी मिलने के बाद भी वे ऐसा करते रहे। शायद ऐसा तब होता है जब आप नरम अमेरिकी नियामक व्यवस्था के आदी हो जाते हैं। अमेरिकी बाजारों की संरचना के बारे में सोचें: डार्क पूल, ऑर्डर फ्लो के लिए भुगतान, और अन्य खामियां जो हेज फंड को खुदरा निवेशकों से अरबों कमाने की अनुमति देती हैं। उन्होंने कहा, "हमारे विनियामकों को धन्यवाद, इनमें से किसी भी व्यवहार की भारत में अनुमति नहीं दी जाएगी। जेन स्ट्रीट पर कार्रवाई करने के लिए सेबी को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"

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