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Inflation: खुदरा महंगाई लगातार दूसरे माह एक फीसदी से कम, रिकॉर्ड निचले स्तर से उठी ऊपर; जानें क्या महंगा-सस्ता

Sat, 13 Dec 2025 04:55 AM IST
पवन पांडेय अमर उजाला ब्यूरो

सार

Retail Inflation: खुदरा महंगाई लगातार दूसरे माह एक फीसदी से कम रही है लेकिन रिकॉर्ड निचले स्तर से ऊपर बढ़ी है। नवंबर महीने में सीपीआई मुद्रास्फीति 0.71% पहुंच गई। जो सब्जियों समेत खाने-पीने की वस्तुओं और ईंधन-बिजली की कीमतों में उछाल का असर है। 
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खुदरा महंगाई दर - फोटो : ANI
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विस्तार
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सब्जियों समेत खाने-पीने की अन्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से खुदरा महंगाई अक्तूबर के रिकॉर्ड निचले स्तर से बढ़कर नवंबर, 2025 में 0.71 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। अक्तूबर में यह 0.25 फीसदी रही थी। इस वृद्धि के बावजूद उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई लगातार 10वें महीने आरबीआई के चार फीसदी के लक्ष्य के नीचे रही। साथ ही, यह लगातार दूसरा महीना है, जब यह एक फीसदी से भी कम रही। इससे पहले खुदरा महंगाई सितंबर में एक फीसदी से अधिक यानी 1.44 फीसदी रही थी।
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, कीमतों में गिरावट के बावजूद पिछले महीने खाने-पीने की वस्तुओं की महंगाई दर में मासिक आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान खाद्य महंगाई बढ़कर (-)3.91 फीसदी पहुंच गई, जो अक्तूबर में (-)5.02 फीसदी रही थी। एनएसओ ने कहा, सब्जियों, मांस-मछली, अंडे, मसाले, दाल और ईंधन-बिजली की कीमतों में वृद्धि के कारण मुख्य एवं खाद्य महंगाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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आगे महंगाई बढ़ने की आशंका 1.5 फीसदी के पार पहुंचेगी
रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, कुछ सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी और तुलनात्मक आधार सामान्य होते रहने से अगली खुदरा महंगाई 1.5 फीसदी के पार पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, आर्थिक वृद्धि एवं महंगाई के बदलते परिदृश्य के साथ आगामी केंद्रीय बजट में घोषित होने वाले वित्तीय उपाय भी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अगली बैठक के फैसलों की राह दिखाएंगे।

रेपो दर में कटौती की संभावना
कोटक महिंद्रा बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री उपासना भारद्वाज ने कहा, महंगाई के आगे चलकर बढ़ने का अनुमान है, लेकिन अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही तक यह अपेक्षाकृत नियंत्रित ही रहेगी। आरबीआई ने अगले कदम आंकड़ों के आधार पर ही उठाने का संकेत दिया है। लिहाजा, रेपो दर में 0.25 फीसदी कटौती की संभावना बनी हुई है। हालांकि, कटौती का दौर अब समाप्ति की ओर है और इसके बाद लंबी अवधि के लिए दर में स्थिरता बनी रहेगी। आरबीआई इस साल रेपो दर में कुल 1.25 फीसदी की कटौती कर चुका है।

शहरी और ग्रामीण महंगाई भी बढ़ी
आंकड़ों के मुताबिक, शहरी और ग्रामीण इलाकों में भी खुदरा महंगाई अक्तूबर की तुलना में बढ़ी है। शहरी महंगाई नवंबर में बढ़कर 1.40 फीसदी पर पहुंच गई, जो अक्तूबर में 0.88 फीसदी थी। ग्रामीण इलाकों में यह (-)0.25 फीसदी से बढ़कर 0.10 फीसदी पहुंच गई।

सब्जी समेत ये वस्तुएं महंगी
  • उत्पाद      अक्तूबर     नवंबर
  • सब्जियां     -27.57%     -22.20%
  • दाल          -16.15%     -15.86%
  • मसाले         -3.29%      -2.89%
  • दूध            -2.35%         -2.45%
  • फल          -6.69%         -6.87%
  • मांस-मछली  -1.74%        -2.50%
  • अंडा            -1.33%        -3.77%
  • ईंधन-बिजली  -1.98%        -2.32%
  • फूड-बेवरेजेज  -3.72%     -2.78%
  • पर्सनल केयर   -23.88%    -24.04%
  • पान-तंबाकू     -2.87%        -2.96%
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पंजाब-जम्मू समेत पांच राज्यों में दर सर्वाधिक
  • केरल              8.27 फीसदी
  • कर्नाटक        2.64 फीसदी
  • जम्मू-कश्मीर   2.61 फीसदी
  • तमिलनाडु      2.08 फीसदी
  • पंजाब              1.65 फीसदी
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  • उत्तर प्रदेश: (-)1.06 फीसदी, हरियाणा: (-)0.26 फीसदी, 
  • दिल्ली: 0.34 फीसदी, उत्तराखंड: 0.67 फीसदी, 
  • हिमाचल प्रदेश : 0.92 फीसदी।

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