सब्जियों और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतें कम होने से खुदरा महंगाई दिसंबर, 2024 में लगातार दूसरे महीने घटी है। सितंबर में खुदरा महंगाई 5.49 फीसदी रही थी, जो अक्तूबर में बढ़कर 6.21 फीसदी पर पहुंच गई। इसके बाद नवंबर में यह घटकर 5.48 फीसदी एवं दिसंबर में और कम होकर 5.22 फीसदी रह गई। खुदरा महंगाई में नरमी से आरबीआई फरवरी की शुरुआत में होने वाली अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में ब्याज दरों में कटौती पर विचार कर सकता है। रेपो दर करीब दो साल से 6.50 फीसदी पर स्थिर बनी हुई है।
6.50% पर स्थिर बनी हुई है रेपो दर दो साल से
| राज्य |
दर (%) |
| दिल्ली |
2.51% |
| तेलंगाना |
3.14% |
| महाराष्ट्र |
4.20% |
| आंध्र प्रदेश |
4.34% |
| राजस्थान |
4.44% |
| हिमाचल प्रदेश |
4.97% |
| पंजाब |
5.06% |
| हरियाणा |
6.08% |
| उत्तर प्रदेश |
6.26% |
सब्जियों समेत ये उत्पाद सस्ते
| वस्तुएं |
नवंबर (%) |
दिसंबर (%) |
| सब्जियां |
29.33% |
26.56% |
| अनाज |
6.88% |
6.51% |
| दूध |
2.85% |
2.80% |
| दाल |
5.41% |
3.83% |
| चीनी |
1.31% |
0.31% |
| फूड-बेवरेजेज |
8.20% |
7.69% |
| कपड़ा-फुटवियर |
2.75% |
2.74% |
| हाउसिंग |
2.87% |
2.71% |
| पर्सनल केयर |
10.42% |
9.70% |
गांवों और शहरों में घटी दर
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मुताबिक, पिछले माह गांवों और शहरों में खुदरा महंगाई घटी है। ग्रामीण महंगाई घटकर 5.76 फीसदी रह गई, जो नवंबर 5.95 फीसदी रही थी। शहरी महंगाई 4.89 फीसदी से कम होकर 4.58 फीसदी रह गई।
मटर की महंगाई सबसे अधिक बढ़ी
दिसंबर में सालाना आधार पर सबसे अधिक महंगाई मटर (89.12 फीसदी), आलू (68.23%), लहसुन (58.17 फीसदी), नारियल तेल (45.41%) और फूलगोभी (39.42%) में दर्ज की गईं। जीरा, अदरक, सूखी मिर्च व घरेलू रसोई गैस में सबसे कम रही।