थोक महंगाई दर के बाद दिसंबर माह में खुदरा महंगाई (सीपीआई) में मामूली कमी देखने को मिली। दिसंबर माह में खुदरा महंगाई दर 2.19 फीसदी रही, जो कि नवंबर महीने में 2.33 फीसदी थी। हालांकि यह पिछले 18 महीने का सबसे निम्न स्तर है। महंगाई दर में कमी होने की वजह से भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट में कटौती कर सकता है।
थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर में आठ महीने के निचले स्तर पर जाकर 3.80 प्रतिशत रही। इसकी वजह ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतें कम होना रहा है। नवंबर में थोक मुद्रास्फीति 4.64 प्रतिशत थीए जबकि दिसंबर 2017 में यह 3.58 प्रतिशत थी।
सरकार द्वारा सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में खाद्य पदार्थों में 0.07 प्रतिशत महंगाई घटी हैए जबकि नवंबर में इसमें अवस्फीति 3.31 प्रतिशत थी। इसी तरह सब्जियों में भी अवस्फीति देखी गई। दिसंबर में यह 17.55 प्रतिशत रही और नवंबर में यह 26.98 प्रतिशत थी।