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पेटीएम विवाद: आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को शिड्यूल्ड बैंकों की सूची से हटाया, क्या है पूरा मामला?

Wed, 07 Oct 2026 06:26 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

पेटीएम पेमेंट्स बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक ने अनुसूचित बैंकों की सूची से हटा दिया है। लाइसेंस रद्द होने और दिल्ली उच्च न्यायालय के बंद करने के आदेश के बाद यह कार्रवाई हुई। जानें बैंक पर पहले कब-कब प्रतिबंध लगे और इसका क्या मतलब है।
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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट बैंक को शिड्यूल्ड (अनुसूचित) बैंकों की सूची से आधिकारिक तौर पर हटा दिया है। यह कार्रवाई बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद की गई है। केंद्रीय बैंक ने बुधवार को एक बयान में इसकी जानकारी दी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी पेटीएम पेमेंट बैंक लिमिटेड को बंद करने का आदेश दिया था।

आरबीआई ने इस साल अप्रैल में पीपीबीएल का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। यह कदम मानदंडों का पालन न करने के कारण उठाया गया था। आरबीआई ने कहा था कि बैंक के कामकाज जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक थे। इस संबंध में एक अधिसूचना 31 जुलाई को प्रकाशित हुई थी। इसे सितंबर में भारत के राजपत्र में भी प्रकाशित किया गया। आरबीआई अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची मान्यता प्राप्त बैंकों की आधिकारिक सूची है। इसमें वे बैंक शामिल होते हैं जो केंद्रीय बैंक के वित्तीय मानकों को पूरा करते हैं। इन्हें विशेष परिचालन विशेषाधिकार मिलते हैं। 'अनुसूचित बैंक' का अर्थ है दूसरी अनुसूची में शामिल बैंक।

पेटीएम पेमेंट बैंक पर पहले कब-कब हुई कार्रवाई?

विजय शेखर शर्मा द्वारा प्रवर्तित फिनटेक फर्म पेटीएम की सहयोगी कंपनी पीपीबीएल पहले भी कई बार नियामक की जांच के दायरे में आई थी। मार्च 2022 में केंद्रीय बैंक ने इसे नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। आरबीआई ने लाइसेंस रद्द करते समय कहा था कि बैंक के कामकाज उसके अपने हितों और जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक थे। पीपीबीएल को 11 मार्च, 2022 से नए ग्राहक जोड़ने से रोकने का निर्देश दिया गया था। बैंक में "महत्वपूर्ण पर्यवेक्षी चिंताएं" देखी गई थीं।

क्या थे अन्य प्रतिबंध और निर्देश?

बैंक को अपने सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली का व्यापक प्रणाली ऑडिट करने के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी ऑडिट फर्म नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया था। इसके बाद, 31 जनवरी, 2024 और 16 फरवरी, 2024 को बैंक पर कुछ कारोबार प्रतिबंध भी लगाए गए। इनमें मौजूदा ग्राहक खातों, प्रीपेड उपकरणों और वॉलेट में आगे कोई जमा, क्रेडिट या टॉप-अप की अनुमति न देना शामिल था। ये प्रतिबंध बैंक के कामकाज में सुधार न होने के कारण लगाए गए थे।

अनुसूचित बैंक की सूची से हटने का क्या मतलब है?

अनुसूचित बैंक की सूची से हटने का मतलब है कि पेटीएम पेमेंट बैंक अब भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची का हिस्सा नहीं है। यह उन बैंकों की सूची है जिन्हें केंद्रीय बैंक द्वारा मान्यता प्राप्त है। इन बैंकों को विशेष परिचालन अधिकार और सुविधाएं मिलती हैं। इस सूची से हटने के बाद बैंक को ये विशेषाधिकार नहीं मिलेंगे। यह बैंक के लिए एक बड़ा नियामक झटका है।

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