भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड जारी करने वाले बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) को राहत दी है। आरबीआई ने मंगलवार को ग्राहकों की सहमति के बगैर कार्ड सक्रिय करने जैसे कुछ मानदंडों का पालन करने की समय-सीमा मंगलवार को तीन महीने के लिए बढ़ा दी है। आरबीआई ने जिन प्रावधानों के अनुपालन में राहत दी हैं, उनमें क्रेडिट कार्ड को सक्रिय करने से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं।
बता दें कि बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों को एक जुलाई से 'क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड को जारी करने और उनका संचालन करने को लेकर आरबीआई के निर्देशों को लागू करना था। बैंकिंग उद्योग से मिले प्रतिवेदनों को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने एक बयान जारी किया।
अपने बयान में आरबीआई ने कहा कि इस मास्टर निर्देश के कुछ प्रावधानों के कार्यान्वयन की समयसीमा को एक अक्टूबर, 2022 तक बढ़ाने का निर्णय किया गया है। आरबीआई ने जिन प्रावधानों के अनुपालन में राहत दी हैं, उनमें क्रेडिट कार्ड को सक्रिय करने से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं। आरबीआई के मास्टर निर्देश के अनुसार, अगर कार्ड जारी होने के 30 दिनों बाद भी सक्रिय नहीं किया गया है तो जारीकर्ता को क्रेडिट कार्ड सक्रिय करने के लिए कार्डधारक से वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आधारित सहमति लेनी होगी।