रियल एस्टेट फर्म सीबीआरई की एक रिपोर्ट में आज कहा गया है कि जनवरी और सितंबर 2023 के बीच भारत के सात प्रमुख शहरों में 4 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य के लक्जरी घरों की बिक्री में साल-दर-साल 97 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस अवधि में कुल लक्जरी आवास बिक्री में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और हैदराबाद की रही। इसमें दिल्ली-एनसीआर का हिस्सा 37 फीसदी, मुंबई का 35 फीसदी और हैदराबाद का 18 फीसदी रहा। वहीं शेष 4 प्रतिशत हिस्सा पुणे का रहा है।
इसलिए बिक्री में हो रही वृद्धि
कई कारकों ने लक्जरी आवास की बिक्री में वृद्धि को प्रेरित किया, जिसमें एक मजबूत अर्थव्यवस्था, बढ़ती डिस्पोजेबल आय, उन्नत जीवन स्तर की आकांक्षा और प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों में लक्जरी आवासों की कमी शामिल है।
सीबीआरई ने कहा कि अक्तूबर से दिसंबर के त्योहारी सीजन में लक्जरी आवास बिक्री में और वृद्धि देखने की उम्मीद है। कंपनी ने कहा कि उसे अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में पहली बार लग्जरी घर खरीदने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इस वृद्धि का प्राथमिक कारण बढ़ती आकांक्षाएं और बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था है।
डेवलपर्स द्वारा प्रोत्साहन और स्मार्ट होम तकनीक जैसे स्मार्ट स्विच और फोन पर एक क्लिक से प्रकाश और अन्य चीजों को नियंत्रित करना लक्जरी घर में इस उछाल के कुछ कारण हैं। इसके अलावा महामारी के बाद बड़े स्थानों की आवश्यकता भी है।
आवासीय बिक्री और नए लॉन्च में देखी जाएगी वृद्धि
सीबीआरई की रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक विकास, अनुकूल नियामक उपायों और बदलती जीवनशैली प्राथमिकताओं के कारण प्रीमियम और लक्जरी हाउसिंग सेगमेंट में आवासीय बिक्री और नए लॉन्च में वृद्धि देखी जाएगी, जो संभावित रूप से 2023 में 10 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाएगी।
जैसा कि खरीदार महामारी के बाद अधिक विस्तृत जीवन चाहते हैं, स्मार्ट होम तकनीक और डेवलपर-समर्थित प्रोत्साहनों की आमद लक्जरी घर की बिक्री में तेजी ला रही है, यह जोड़ा गया है।
सीबीआरई ने कहा कि यह उछाल उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्तियों (एचएनआई) और अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के बीच लक्जरी घरों की बढ़ती अपील से प्रेरित है, जो सुरक्षित और पुरस्कृत निवेश के अवसरों की तलाश में हैं। ये रुझान बताते हैं कि लक्जरी घर भारतीय रियल एस्टेट बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं।