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Oil: रिलायंस के रूसी तेल नहीं खरीदने से कई वर्षों में सबसे कम रहेगा आयात, दावा- तीन हफ्तों से नहीं पहुंची खेप

Wed, 07 Jan 2026 04:02 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रूस से तेल खरीदने के दावे को खारिज कर दिया है और बयान जारी कर कहा है कि बीते तीन हफ्ते से रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी में रूसी तेल की कोई खेप नहीं पहुंची है। 
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भारत में रूसी तेल आयात में आई कमी - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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रिलायंस इंडस्ट्रीज के रूस से कच्चे तेल नहीं खरीदने से जनवरी में रूसी तेल का आयात कई वर्षों के निचले स्तर पर आ सकता है। रिलायंस ने कहा, उसे रूस से तेल की कोई भी खेप जनवरी में मिलने की उम्मीद नहीं है। रिलायंस का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रविवार को दी गई उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका भारत पर आयात शुल्क और बढ़ा सकता है। रिलायंस ने सोशल मीडिया पर कहा, पिछले तीन सप्ताह से रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी में रूसी तेल की कोई खेप नहीं पहुंची है।
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दरअसल, 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत रियायती दरों पर मिलने वाले रूसी समुद्री कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा। तब से अब तक भारत ने रूस से 144 अरब यूरो मूल्य का कच्चा तेल खरीदा है। इस दौरान चीन रूस से 210.3 अरब यूरो का क्रूड आयात कर सबसे बड़ा खरीदार बन गया है। भारत दूसरे स्थान पर है। इन खरीदों ने पश्चिमी देशों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है, जिन्होंने रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाकर उसे निशाना बनाया है। उनका तर्क है कि तेल राजस्व से मॉस्को के युद्ध प्रयासों को वित्त पोषित करने में मदद मिलती है। अमेरिका ने पिछले साल रूसी तेल की भारी खरीद के लिए दंड के रूप में भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क दोगुना करके 50 फीसदी कर दिया था।

रूसी कच्चे तेल का उपयोग बंद
20 नवंबर, 2025 को रिलायंस ने कहा था कि उसने यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का अनुपालन करने के लिए गुजरात के जामनगर स्थित अपनी निर्यात आधारित रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का उपयोग बंद कर दिया है। रिलायंस भारत में रूस से तेल खरीदने वाली सबसे बड़ी कंपनी थी। वह जामनगर के अपने तेल शोधन परिसर में कच्चे तेल को रिफाइंड करके पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों में परिवर्तित करती थी। इस परिसर में दो रिफाइनरियां हैं।
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तीन टैंकरों के जामनगर जाने का दावा खारिज
कंपनी ने मंगलवार को उस रिपोर्ट को पूरी तरह से असत्य बताया जिसमें दावा किया गया था कि रूसी तेल से लदे तीन जहाज रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी के लिए तैयार किए जा रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि लगभग 22 लाख बैरल यूराल (रूसी कच्चे तेल का एक ग्रेड) से लदे कम से कम तीन टैंकर सिक्का बंदरगाह की ओर जा रहे थे। इसके माध्यम से जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स अपने कच्चे तेल के आयात का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त करता है।
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