रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपने ही कंपनी के शेयर अधिग्रहण में गड़बड़ी बरतने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। उच्चतम न्यायालय ने सेबी को निर्देश दिया है कि वह आरआईएल को उनकी ओर से मांगे गए दस्तावेज मुहैया करवाए।
बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड पर आरोप है कि कंपनी ने साल 1994 से लेकर 2000 के बीच अपने ही शेयरों के अधिग्रहण में अनियमितता बरती थी। कंपनी का कहना है कि जो दस्तावेज वो सेबी से मांग रही है। उनके मिलने के बाद कंपनी के प्रमोटर्स और कंपनी आरोपों से मुक्त हो जाएंगे।
बता दें कि इस मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस मामले में पहले हाईकोर्ट में अपील की थी, पर वहां से उसे कोई राहत नहीं मिली थी। उसके बाद कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
क्या है मामला?
साल 2002 में एस गुरुमूर्ति नाम के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने 1994 में जारी किए गए दो एनसीडी के प्रिफरेशियल प्लेसमेंट में गड़बड़ी का आरोप रिलायंस के प्रमोटर्स समेत 98 लोगों पर लगाया था। बाद मे सेबी ने जांच में पाया था कि इन एनसीडी को साल 2000 में वोटिंग राइट्स रखने वाले शेयरों में बदल दिया जाएगा। उनके मुताबिक इस प्रक्रिया में गड़बड़ी बरती गई थी। हालांकि रिलायंस ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया था।