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रिलायंस के नतीजे: लाभ बढ़कर ₹29,550 करोड़ हुआ, आईपीओ के बाद जियो के आंकड़े कैसे?

Fri, 30 Oct 2026 07:50 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का सितंबर तिमाही में शुद्ध लाभ 40.6% उछलकर ₹25,548 करोड़ हो गया है।
  • रिफाइनिंग मार्जिन और डिजिटल बिजनेस के मजबूत प्रदर्शन के बीच जानिए पूरा ब्योरा। विस्तृत रिपोर्ट पढ़ने के लिए तुरंत क्लिक करें!
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रिलांयस की दूसरी तिमाही के नतीजे। - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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देश की सबसे बड़ी निजी कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की सितंबर तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और डिजिटल कारोबार में उच्च प्रति यूजर आय के बल पर कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 40.6 प्रतिशत बढ़कर ₹25,548 करोड़ पर पहुंच गया है। इसके साथ ही कंपनी का परिचालन राजस्व भी 28 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज करते हुए ₹3.38 लाख करोड़ के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, रिटेल सेगमेंट के सुस्त प्रदर्शन ने इस शानदार ग्रोथ के बीच कुल आय की गति पर आंशिक दबाव भी बनाया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े क्या कहते हैं?

वित्तीय नतीजों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की आय और लाभप्रदता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹18,165 करोड़ से बढ़कर ₹25,548 करोड़ दर्ज किया गया है। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी मुनाफा अप्रैल-जून तिमाही के ₹20,946 करोड़ के मुकाबले मजबूत हुआ है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, प्रति शेयर आय (EPS) भी पिछले वर्ष के ₹13.42 से बढ़कर ₹18.88 हो गई है। सभी प्रमुख व्यावसायिक वर्टिकल के बेहतर प्रदर्शन के चलते कंपनी का कुल परिचालन राजस्व ₹3.38 लाख करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

कंपनी के मुनाफे को किन मुख्य कारकों से मजबूती मिली?

रिलायंस इंडस्ट्रीज की लाभप्रदता में दर्ज इस तेज उछाल के पीछे मुख्य रूप से दो व्यावसायिक घटकों का योगदान रहा है:

  • ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट: बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन के कारण ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल कारोबार की आय में मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जिसने समग्र लाभ को बड़ा सहारा दिया।
  • डिजिटल सर्विसेज सेगमेंट: डिजिटल सेवा व्यवसाय में प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) में हुई वृद्धि से डिजिटल वर्टिकल ने कंपनी के कुल वित्तीय नतीजों को अतिरिक्त मजबूती प्रदान की।

किन व्यावसायिक क्षेत्रों में सुस्ती दर्ज की गई और इसका क्या प्रभाव पड़ा?

एक तरफ जहां रिफाइनिंग और डिजिटल सेगमेंट ने कंपनी की वृद्धि को रफ्तार दी, वहीं दूसरी तरफ रिलायंस के रिटेल कारोबार (Retail Business) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत सुस्त बना रहा। रिटेल सेगमेंट में दर्ज की गई इस नरमी ने कंपनी की समग्र आय और वृद्धि की रफ्तार पर आंशिक रूप से प्रभाव डाला। हालांकि, ओ2सी और डिजिटल बिजनेस से मिली मजबूत आय ने रिटेल क्षेत्र की सुस्ती के असर को काफी हद तक संतुलित कर दिया, जिससे कुल शुद्ध लाभ 40.6 प्रतिशत की मजबूत दर से आगे बढ़ा।

भविष्य के लिहाज से रिलायंस के इन नतीजों के क्या मायने हैं?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q2 नतीजे दर्शाते हैं कि कंपनी का ऊर्जा कारोबार और नया डिजिटल सेगमेंट एक-दूसरे को संतुलित करते हुए मजबूत विकास प्रदान कर रहे हैं। हालांकि, आने वाले समय में बाजार विश्लेषकों की नजर रिटेल कारोबार की रिकवरी पर टिकी रहेगी। यदि आगामी तिमाहियों में रिटेल वर्टिकल फिर से गति पकड़ता है और रिफाइनिंग मार्जिन तथा डिजिटल सेवाओं में यह मजबूती कायम रहती है, तो रिलायंस इंडस्ट्रीज का वित्तीय प्रदर्शन और अधिक सुदृढ़ होने की संभावना है।

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