भारत की मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री साल दर साल की 13.4 फीसदी की वृद्धि दर हासिल कर करीब पौने दो लाख करोड़ रुपये की हो गई है। इसके 2021 तक सवा दो लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाने की उम्मीद जताई जा रही है। भारतीय मनोरंजन उद्योग की दशा और दिशा सुधारने में लगे इंडस्ट्री के दिग्गजों से बातचीत की ये सीरीज ‘सीईओ संवाद’ इसी क्रम में है। श्रृंखला की पहली कड़ी में मुलाकात रिलायंस एंटरटेनमेंट के ग्रुप सीईओ शिबाशीष सरकार से।
यूटीवी डिजनी और वॉयकॉम 18 के बाद रिलायंस एंटरटेनमेंट की कमान संभालते ही आपने खुद फिल्में बनाने की बजाय इंडस्ट्री के दिग्गजों से हाथ मिलाया, कैसे नतीजे रहे इसके अब तक?
बहुत अच्छा अनुभव रहा अब तक। हमारा मॉडल क्रिएटिविटी और कारोबार का बेजोड़ नमूना है। हिंदी के लिए हमने नीरज पांडे, अनुराग कश्यप और रोहित शेट्टी के साथ मिलकर तीन अलग अलग कंपनियां बनाईं। इस मॉडल में फिल्ममेकर को अपने हिसाब से फिल्म बनाने की छूट मिलती है और हमारा ध्यान पूरी तरह बिजनेस पर रहता है। चालू वित्तीय वर्ष में हमारा फिल्म कारोबार 700 से 800 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद है। ये पिछले साल के मुकाबले करीब 30 फीसदी ज्यादा है। 2019 में हमारी फिल्म सुपर 30 जुलाई में रिलीज होगी। फिर सांड़ की आंख और 83 हैं। दक्षिण भारत में भी हमने वाई नॉट स्टूडियोज और एपी इंटरनेशनल से हाथ मिलाया है। हमारा इरादा अगले वित्तीय वर्ष में अखिल भारतीय फिल्म व्यापार में अव्वल रहने का है।
पिछले एक साल में ओटीटी ने जिस तरह से भारत में अपने पैर पसारे हैं, उससे लग रहा है कि टेलीविजन कंटेंट की मांग घटेगी और वेब सीरीज बाजार में उछाल आएगा, आपकी क्या टिप्पणी है?
जिन देशों में ओटीटी पूरे उफान पर है, वहां भी टेलीविजन का बाजार अब भी बना हुआ है। हमारी कंपनी बिग सिनर्जी ने भी अच्छा काम किया है। सैक्रेड गेम्स का पहला सीजन सुपर हिट रहा। दूसरा बन रहा है। इस साल हम टीवी कारोबार में भी 100 से 120 करोड़ रुपये के करीब क्लोजिंग करेंगे। बीते वित्तीय वर्ष के मुकाबले रिलायंस एंटरटेनमेंट ने इसमें करीब 100 फीसदी की छलांग लगाई है।
रिलायंस एंटरटेनमेंट गेमिंग और एनीमेशन बिजनेस में भी है? गेमिंग का भारत में भविष्य कैसा है और एनीमेशन में क्या कुछ नया करने जा रहे हैं?
मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में गेमिंग की हिस्सेदारी बहुत तेजी से भारत में बढ़ रही है। जैसे जैसे हाईएंड मोबाइल की संख्या भारत में बढ़ेगी, गेमिंग का बाजार और विकसित होगा। एनीमेशन में हमने सुपरहिट फिल्म सिंघम पर लिटिल सिंघम सीरीज बनाई जो बच्चों के बीच सुपरहिट रही है। अब हमारी तैयारी रणवीर सिंह की सुपरहिट फिल्म सिम्बा पर लिटिल सिम्बा नाम से एनीमेशन सीरीज बनाने की है।
बीच में खबरें थीं कि फैंटम कंपनी का विलय हो गया है, ये तो रिलायंस एंटरटेनमेंट की भागीदारी में बनी कंपनी है?
अनुराग कश्यप के साथ मिलकर हमारी कंपनी फैंटम है। यह अब भी काम कर रही है। जो भी समस्या थी वह उनके अपने साथियों के बीच थी। रिलायंस एंटरटेनमेंट का उससे कोई लेना देना नहीं है। फैंटम की अगली फिल्म सुपर 30 है और सैक्रेड गेम्स का दूसरा सीजन भी फैंटम ही बना रही है। इसी तरह नीरज पांडे के साथ मिलकर हमने प्लान सी स्टूडियो कंपनी बनाई जो फीचर फिल्म चाणक्य के अलावा हॉट स्टार के लिए एक वेब सीरीज पर काम कर रही है।
हिंदी फिल्मों का कारोबार मुंबई वितरण क्षेत्र में लगातार घट रहा है, वहीं दिल्ली-यूपी और ईस्ट पंजाब क्षेत्रों में इसमें लगातार इजाफा हो रहा है, इसे कैसे देखते हैं?
मुंबई में हॉलीवुड फिल्मों के कारोबार ने हिंदी सिनेमा को नुकसान पहुंचाया है, इसमें कोई दो राय नहीं है। हिंदी फिल्मों की मार्केटिंग हम कंटेंट के हिसाब से प्लान करते हैं, सिम्बा जैसी फिल्में पश्चिमी भारत में ही सबसे ज्यादा कारोबार करती हैं तो हमारा प्रचार इन क्षेत्रों में ज्यादा रहा। लेकिन, सांड़ की आंख जैसी फिल्म जिसकी कहानी ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की है, तो जाहिर है फिल्म रिलीज होगी तो सबसे पहले हम वहीं जाएंगे। सिनेमा का कारोबार अब भी भारत में पूरी तरह पैर नहीं पसार पाया है, देश को अब भी करीब 10 हजार थिएटर्स की और जरूरत है।