इलेक्ट्रिक कार (सांकेतिक तस्वीर)।
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आपूर्ति शृंखला और सेमीकंडक्टर की कमी से जूझने वाले वाहन उद्योग के लिए यह साल मिलाजुला रहा। अगस्त से पहले बिक्री में गिरावट दर्ज करने वाले उद्योग के लिए त्योहारी सीजन शानदार रहा।
- नवंबर, 2022 वाहन उद्योग के इतिहास में सर्वाधिक खुदरा बिक्री वाला महीना बन गया। वाहन बिक्री 26% बढ़कर 23,80,465 इकाई पहुंच गई। खुदरा बिक्री भी 24% बढ़कर 3,00,922 इकाई पहुंच गई।
- 2022 इलेक्ट्रिक एवं ग्रीन मोबिलिटी का साल रहा है। 9 दिसंबर, 2022 तक देश में 4.43 लाख इलेक्ट्रिक वाहन (ई-वाहन) बिके। यह 2021-22 में बिके 2.38 लाख ई-वाहनों से काफी ज्यादा है। अक्तूबर में ही सिर्फ एक लाख से ज्यादा ई-वाहन बिके।
- हालांकि, कई ई-स्कूटर में आग लगने की घटनाओं के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बरकरार है। परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, 3,27,730 कारों में सिर्फ 17% यानी 55,264 कारों में ही 6 एयरबैग लगे हैं।
मजबूत होंगे चार्जिंग के बुनियादी ढांचे
सरकार की ओर से दिए गए प्रोत्साहन एवं आधुनिक तकनीकों के चलते 2023 में ई-वाहनों के मॉडलों की संख्या, चार्जिंग स्टेशन और वेंडर सिस्टम में काफी सुधार होगा। डी-लाइसेंसिंग जैसे कदम से चार्जिंग के बुनियादी ढांचे मजबूत होंगे। इसके अलावा, ईवी उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने उपभोक्ताओं और निर्माताओं दोनों को कई प्रोत्साहन दिए हैं। ई-मोबिलिटी से कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी।
- भारत सरकार और कई अन्य राज्यों ने ई-मोबिलिटी सार्वजनिक परिवहन प्रयोग के रूप में प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बसें शुरू की हैं। इससे ई-वाहन कंपनियों को बड़ा बाजार मिला है।
पांच बदलाव...जो अगले साल दिखेंगे
- ईवी बैटरी फायर: इस साल ई-वाहनों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आईं। इसे देखते हुए डीआरडीओ ने इस पर सरकार को रिपोर्ट सौंपी है। उम्मीद है कि सरकार 2023 से ई-वाहन निर्माताओं के लिए नए मानक और गाइडलाइंस जारी कर सकती है।
- 6 एयरबैग जरूरी: सड़क दुर्घटनाओं में यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से सरकार ने सभी कारों के लिए कम-से-कम 6 एयरबैग जरूरी कर दिया है। उम्मीद है कि सभी वाहनों में ये सुविधा मिलने लगेगी।
- बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी : ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार देश में कई हिस्सों में बैटरी स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में जुटी है।
- भारत एनसीएपी : वाहनों की सुरक्षा को रेटिंग देने वाली संस्था ग्लोबल एनसीएपी की तर्ज पर अब देश के पास अपनी ऐसी संस्था भारत एनसीएपी होगी।
- ई-हाइवे : देश को पहला ई-हाईवे मिल सकता है। इन पर ई-वाहनों के लिए एक अलग लेन बनेगा। इस हाइवे पर ईवी को चार्ज भी किया जा सकता है।