फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UK Inflation Rise: ब्रिटेन में 40 साल के उच्च स्तर पर पहुंची महंगाई, देश में मंदी की आशंका गहराई

Wed, 18 May 2022 03:49 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, ब्रिटेन में महंगाई दर नौ फीसदी पर पहुंच गई है।भारतीय मूल के वित्त मंत्री ने कहा कि हम इन वैश्विक चुनौतियों से पूरी तरह से लोगों की रक्षा नहीं कर सकते हैं, लेकिन जहां हम कर सकते हैं वहां महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई के लिए तैयार हैं। 
विज्ञापन
ब्रिटेन में महंगाई 40 साल के शिखर पर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में महंगाई ने लोगों को त्रस्त कर रखा है। ब्रिटेन में भी महंगाई लगातार नए मुकाम हासिल कर रही है। बुधवार को ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स (ओएलएन) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों को देखें तो देश में मुद्रास्फीति नौ प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह चार दशक का उच्च स्तर है। 

विज्ञापन


मार्च में सात फीसदी थी महंगाई दर
गौरतलब है कि इससे पिछले महीने मार्च में ब्रिटेन में महंगाई दर बढ़कर सात फीसदी के स्तर पर पहुंची थी, जबकि एक अप्रैल में इसमें एकदम से दो फीसदी की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सनक, जो कि पहले से ही देश में बढ़ते घरेलू बिलों के बीच जीवन यापन संकट को कम करने के लिए उपाय करने के मामले में दबाव का सामना कर रहे हैं, उन्होंने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को मुद्रास्फीति में वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सनक ने कहा कि दुनिया भर के देश बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं। अप्रैल में मुद्रास्फीति का यह उच्च स्तर ऊर्जा मूल्य कैप वृद्धि से प्रेरित है, जो बदले में उच्च वैश्विक ऊर्जा कीमतों से प्रेरित है।

वित्त मंत्री ऋषि सनक ने कही बड़ी बात
भारतीय मूल के वित्त मंत्री ने कहा कि हम इन वैश्विक चुनौतियों से पूरी तरह से लोगों की रक्षा नहीं कर सकते हैं, लेकिन जहां हम कर सकते हैं वहां महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई के लिए तैयार हैं। ओएनएस डाटा के अनुसार, अप्रैल में रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं के लिए कीमतों में व्यापक आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें बहुमत महीने की शुरुआत में ऊर्जा मूल्य कैप में 54 प्रतिशत की वृद्धि का है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें भी मुद्रास्फीति को बढ़ाने में प्रमुख कारक रही हैं। 
विज्ञापन


बिजली और गैस की कीमतों का असर
ओएनएस के मुख्य अर्थशास्त्री ग्रांट फिट्जनर ने कहा कि अप्रैल महीने में मुद्रास्फीति में तेज वृद्धि हुई, जो कि बिजली और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण है। इसके अलावा धातुओं, रसायनों और कच्चे तेल की कीमतों में भारी वार्षिक वृद्धि भी जारी रही। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति में यह बढ़ोतरी खाद्य उत्पादों, परिवहन, धातुओं, मशीनरी और उपकरणों में वृद्धि से प्रेरित रही। बता दें कि मार्च महीने में देश की महंगाई दर 30 साल के शिखर पर पहुंची थी, जिसमें और तेज इजाफा हुआ है। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने पहले से ही मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी की चेतावनी जारी की थी। 

10% पहुंचने की जताई है संभावना
इस महीने की शुरुआत में बैंक ऑफ इंग्लैंड ने अपने पूर्वानुमानों को जारी करते हुए चेतावनी दी थी कि इस साल के अंत में मुद्रास्फीति 10 प्रतिशत से ऊपर हो जाएगी। बैंक ने चेतावनी दी है कि तनाव के परिणामस्वरूप मंदी और बेरोजगारी में वृद्धि हो सकती है। देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को निशाने पर लिया है। विपक्षी लेबर पार्टी के शैडो चांसलर राहेल रीव्स ने कहा कि महंगाई में इजाफे की यह खबर पहले से ही त्रस्त परिवारों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें