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दिवालिया होगी रियल एस्टेट कंपनी HDIL, निदेशकों के खिलाफ जारी हुआ लुकआउट सर्कुलर

Thu, 26 Sep 2019 02:28 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली
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hdil - फोटो : social media
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महाराष्ट्र में कार्यरत रियल एस्टेट सेक्टर की प्रमुख कंपनी एचडीआईएल जल्द ही दिवालिया घोषित हो जाएगी। वधावन समूह के स्वामित्व वाली इस कंपनी के निदेशकों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हो गया है। मंगलवार को कंपनी के निदेशकों को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने समन जारी करते हुए पेश होने को कहा है। 

दो शिकायतों पर हो रही है जांच

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई पुलिस ने अपनी जांच को दो शिकायत मिलने के बाद कंपनी के उपाध्यक्ष और प्रबंंध निदेशक सारंग वधावन को पेश होने के लिए कहा है। अगस्त महीने में मैक स्टार मार्केटिंग के निदेशक ने एचडीआईएल के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। मैक स्टार की प्रवर्तक कंपनी ओशिएन डेटी की एचडीआईएल के साथ 78 फीसदी की हिस्सेदारी है। 

एक लोन चुकाने के लिए लिया था लोन

एचडीआईएल ने बैंक ऑफ इंडिया का 100 करोड़ का लोन चुकाने के लिए पीएमसी बैंक से लोन लिया था। पुलिस इस मामले में एक अन्य बैंक --यस बैंक से भी पूछताछ करने जा रही है। केवल एक बैंक खाते की वजह से भारतीय रिजर्व बैंक ने 35 साल पुराने पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक पर सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। केंद्रीय बैंक के इस अप्रत्याशित कदम से बैंकिंग सेक्टर के साथ ही ग्राहकों में भी खलबली मची हुई है। कई लोगों को लग रहा है कि आरबीआई के नियमों की अनदेखी करने से पीएमसी बैंक पर यह नकेल कसनी पड़ी, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी बैंकों के ग्राहकों को उठानी पड़ेगी।

आरबीआई ने लगाई है पीएमसी बैंक पर रोक

पीएमसी बैंक में एचडीआईएल का खाता है। इस कंपनी ने बैंक से करीब 2500 करोड़ रुपये का लोन ले रखा था, जिसे चुकाया नहीं गया। बार-बार किश्त डिफॉल्ट होने के बाद भी बैंक ने इस खाते को न तो एनपीए में रखा और आरबीआई को भी इसके बारे में जानकारी नहीं दी थी। आरबीआई के नियमों के अनुसार ऐसे खातों को एनपीए में रखना जरूरी है। फिलहाल बैंक के पास केवल एक हजार करोड़ रुपये का रिजर्व है। 

आरबीआई के कदम से एनपीए होगा लोन

आरबीआई के इस कदम से अब बैंक को एचडीआईएल का पूरा लोन एनपीए करना होगा। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष में बैंक का एनपीए 1.05 फीसदी से बढ़कर 2.19 फीसदी हो गया था, जिसके अब और बढ़ने की संभावना है।

इन लोगों के हैं बैंक खाते

पीएमसी बैंक में 11 हजार करोड़ रुपये जमा है। कई लोगों का इसमें लाखों रुपये की एफडी, सैलरी खाता है। बैंक पर प्रतिबंध लगने के बाद मुंबई में कई शाखाओं पर लोगों को रोते हुए देखा गया। जिन लोगों ने इस बैंक में खाता खोला हुआ है उनमें ऑटो रिक्शा चालक, टैक्सी ड्राइवर्स, छोटे कारोबारी, पेंशनर्स, गृहणी शामिल हैं।  

भाजपा नेता ने लिखा पत्र

भाजपा नेता किरीट सौमेया ने आरबीआई को पत्र लिखकर के पीएमसी बैंक और एचडीआईएल के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के लिए पत्र लिखा है। सौमेया ने कहा है कि 8000 करोड़ रुपये के एडवांस में से तीन हजार करोड़ रुपये केवल एचडीआईएल और उसकी समूह कंपनियों और बेनामी में गया है। यह केवल बैंक अधिकारियों के और एचडीआईएल के मालिकों के बीच मिलीभगत से ही हो सकता है। इन दोनों ने करीब 9.12 लाख ग्राहकों का सारा जमा पैसा लूट लिया है, जिसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 

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पीएमसी बैंक - फोटो : PTI

14 अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज


पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) के कई खाताधारकों ने बैंक के अधिकारियों के खिलाफ गुरुवार को पुलिस में सामूहिक शिकायत दर्ज कराई थी।एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ग्राहकों की ओर से बैंक के चेयरमैन और उसके निदेशकों के खिलाफ जनता के धन का गबन करने की शिकायत दर्ज कराई गई है।

बैंक के खाताधारकों का एक प्रतिनिधिमंडल मध्य मुंबई के सियान पुलिस स्टेशन गया और बैंक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक पर नियामकीय खामियों के चलते कई पाबंदियां लगाई हैं।



पुलिस अधिकारी ने कहा, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पीएमसी बैंक के चेयरमैन और उसके सभी निदेशकों सहित कम से कम 14 लोगों ने खाताधारकों के धन का गबन किया है। खाताधारकों ने अपनी शिकायत में इस बारे में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

खाताधारकों ने कहा है कि शिकायत में जिन लोगों का नाम है, उनका पासपोर्ट जब्त किया जाए जिससे वे देश छोड़कर नहीं जा सकें।इसके अलावा खाताधारको ने बैंक के चेयरमैन और निदेशकों से ग्राहकों के धन के गबन पर स्पष्टीकरण देने को भी कहा है।
 


पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें पीएमसी बैंक के खाताधारकों से लिखित शिकायत मिली है। शिकायत की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’ो

 

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