देश के शहरी उपभोक्ता हाल के आर्थिक गतिविधियों के प्रति सकारात्मक बने हुए हैं। मई 2025 के लिए रिजर्व बैंक की शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण के अनुसार मार्च की तुलना में उपभोक्ताओं की वर्तमान आर्थिक स्थिति के प्रति भावना काफी हद तक स्थिर रही। इसे रोजगार और मूल्य का समर्थन मिला, हालांकि यह अब भी नकारात्मक क्षेत्र में बनी हुए हैं।
सीसीआई में हुई 0.1 प्रतिशत की गिरावट
सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार समग्र उपभोक्ता विश्वास सूचकांक (सीसीआई) में मामूली गिरावट दर्ज की गई। यह मार्च में 95.5 से थोड़ा कम होकर मई में 95.4 हो गया। हालांकि भविष्य को लेकर उपभोक्ताओं को काफी उम्मीदें हैं।
भविष्य को लेकर काफी उम्मीदें
सर्वे में पता चला कि लोग आर्थिक दृष्टिकोण, रोजगार की संभावनाओं, आय के स्तर और खर्च करने की अपनी क्षमता के बारे में अधिक आशावादी हैं। इसने भविष्य अपेक्षा सूचकांक (एफईआई) को 1 अंक बढ़ाकर मार्च में 122.4 से मई में 123.4 तक पहुंचा दिया।
केंद्रीय बैंक कैसे करती है सर्वे?
आरबीआई ने 2 मई से 11 मई के बीच भारत के 19 प्रमुख शहरों में 6,090 लोगों का सर्वे किया। इसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया वह वर्तमान के आर्थिक माहौल को किस तरह देखते हैं और भविष्य को लेकर उनकी क्या उम्मीदें हैं। लगातार दूसरे सर्वेक्षण में उपभोक्ताओं ने मुद्रास्फीति और मूल्य स्तरों के प्रति कम निराशावाद व्यक्त किया है, और अगले वर्ष में मुद्रास्फीति में और गिरावट की उम्मीद जताई है। वर्तमान आय स्तरों में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं देखा गया। साथ ही, आवश्यक और गैर-आवश्यक वस्तुओं पर खर्च में थोड़ी गिरावट देखी गई है, लेकिन भविष्य में खर्च बढ़ने की उम्मीद है।