बड़े आकार वाले बैंकों और शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) को कम से कम दो ऑडिटर नियुक्त करने होंगे। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि दोनों ऑडिटर्स में कोई संबंध नहीं होना चाहिए और हर साल नियुक्ति या पुनर्नियुक्ति से पहले आरबीआई की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
लगातार तीन साल के लिए ही नियुक्ति
आरबीआई ने कहा, ऑडिटर्स की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए किसी वित्तीय संस्थान में लगातार तीन साल तक नियुक्ति की जा सकेगी। अगर इस बीच किसी ऑडिटर्स को हटाया जाता है तो बैंक को अगला कदम उठाने के लिए रिजर्व बैंक से अनुमति लेनी होगी।