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RBI: आरबीआई ने मुंबई के सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस किया रद्द, खराब वित्तीय स्थिति के चलते लिया फैसला

Tue, 12 May 2026 10:11 PM IST
Rahul Kumar आईएएनएस, नई दिल्ली
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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : PTI
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मुंबई स्थित सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को बताया कि यह कार्रवाई बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति, पर्याप्त पूंजी की कमी और भविष्य में कमाई की खराब संभावनाओं को देखते हुए की है। यह फैसला 12 मई को कारोबार बंद होने के बाद से प्रभावी हो गया। 

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आरबीआई ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि बैंक बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के नियमों का पालन करने में विफल रहा और मौजूदा स्थिति में उसका संचालन जारी रखना जमाकर्ताओं के हित में नहीं था। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक को तुरंत प्रभाव से सभी बैंकिंग सेवाएं बंद करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें जमा स्वीकार करना और ग्राहकों को पैसे लौटाना भी शामिल है।

आरबीआई ने महाराष्ट्र के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने और एक लिक्विडेटर नियुक्त करने का निर्देश दिया है। लिक्विडेटर बैंक की संपत्तियों और देनदारियों का निपटान करेगा। केंद्रीय बैंक के अनुसार, मौजूदा वित्तीय स्थिति में बैंक अपने जमाकर्ताओं का पूरा पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं है। हालांकि, जिन खाताधारकों की जमा राशि 5 लाख रुपए तक है, उनका पैसा डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (डीआईसीजीसी) के तहत वापस मिलेगा।
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आरबीआई ने बताया कि बैंक के लगभग 98.36 प्रतिशत जमाकर्ता ऐसे हैं, जिन्हें डीआईसीजीसी के जरिए उनकी पूरी जमा राशि वापस मिल जाएगी।31 मार्च 2026 तक डीआईसीजीसी बैंक के ग्राहकों को बीमित जमा राशि के रूप में करीब 26.72 करोड़ रुपए का भुगतान पहले ही कर चुका है।

हाल के वर्षों में आरबीआई वित्तीय रूप से कमजोर शहरी सहकारी बैंकों पर लगातार सख्ती बढ़ा रहा है। केंद्रीय बैंक का फोकस जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा और बैंकों में बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करने पर है।

इससे पहले, अप्रैल में केंद्रीय बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया था। आरबीआई ने कहा था कि बैंक ने अपने लाइसेंस से संबंधित जरूरी नियमों का पालन नहीं किया। आरबीआई ने साफ कहा था कि अब यह बैंक किसी भी तरह की बैंकिंग सेवाएं नहीं दे सकेगा और इसे बंद करने (वाइंडिंग अप) के लिए हाई कोर्ट में आवेदन किया जाएगा। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने यह भरोसा दिलाया कि बैंक के पास इतना पैसा (लिक्विडिटी) है कि वह अपने सभी ग्राहकों की जमा राशि लौटा सकता है।
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