आरबीआई ने खुलासा किया है कि छोटे कर्जदार जहां रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए कर्ज ले रहे हैं, वहीं बड़े उधारकर्ता ऋण लेकर संपत्तियां बना रहे हैं। खासकर मकान के लिए बड़े कर्जदाता उधारी ले रहे हैं। ऐसे लोगों का क्रेडिट स्कोर 720 से ऊपर होता है, जबकि छोटे कर्जदारों का स्कोर 720 से नीचे होता है।
चीन में सार्वजनिक कर्ज सबसे ज्यादा 140 फीसदी
वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक ऋण 2024 के अंत तक जीडीपी का 93 फीसदी पहुंच जाएगा। इसका मतलब यह 100 लाख करोड़ डॉलर को पार कर जाएगा। 30 जून तक चीन का कर्ज उसकी जीडीपी के अनुपात में 140 फीसदी था, जबकि जापान का 120 फीसदी था। उभरते बाजारों और यूरो जोन का कर्ज जीडीपी का 100-100 फीसदी, विकसित देशों का 90 फीसदी, अमेरिका का 85 फीसदी, ब्रिटेन का 70 फीसदी और भारत का 43 फीसदी रहा है।
एक से अधिक कर्ज ले रहे हैं उधारकर्ता
क्रेडिट कार्ड व पर्सनल लोन लेने वाले करीब आधे उधारकर्ताओं के पास एक और रिटेल लोन पहले से ही है। इस तरह के कर्ज अक्सर ज्यादा रकम वाले होते हैं, जो हाउसिंग या वाहन या दोनों होते हैं।
जोखिम से निपटने के लिए उठाए गए कदम
आरबीआई ने किसी भी तरह के जोखिम से निपटने के लिए हाल में असुरक्षित ऋण जैसे कुछ खुदरा कर्जों पर बैंकों और एनबीएफसी के लिए उच्च जोखिम भार लगाया है। कर्ज का लगभग दो तिहाई हिस्सा बेहतर क्रेडिट क्वालिटी वाला है। 50,000 रुपये से कम पर्सनल लोन लेने वाले 11 फीसदी उधारकर्ताओं में से 60 फीसदी से अधिक ने 2024-25 में तीन से अधिक बार कर्ज लिया है।