RBI NPA DATA: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि के बाद सितंबर में उद्योग में सकल एनपीए 2.9 फीसदी, सेवा में 2.5 व पर्सनल लोन क्षेत्र में 1.2 फीसदी रहा। हालांकि, एक साल पहले की तुलना में इन सभी क्षेत्रों के सकल एनपीए में गिरावट आई है।
कर्ज चूक में कमी से बैंकों का सकल एनपीए (बुरा फंसा कर्ज) अनुपात इस वर्ष सितंबर में एक साल पहले की तुलना में घटकर 12 साल के निचले स्तर 2.6 फीसदी पर आ गया है। इसके बावजूद, कृषि क्षेत्र में बुरा फंसा कर्ज सबसे ज्यादा 6.2 फीसदी पर बना हुआ है। पर्सनल लोन श्रेणी में क्रेडिट कार्ड बकाया में 55.3 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
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आरबीआई की रिपोर्ट
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सोमवार को जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि के बाद सितंबर में उद्योग में सकल एनपीए 2.9 फीसदी, सेवा में 2.5 व पर्सनल लोन क्षेत्र में 1.2 फीसदी रहा। हालांकि, एक साल पहले की तुलना में इन सभी क्षेत्रों के सकल एनपीए में गिरावट आई है।
रिपोर्ट बताती है कि सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) में क्रेडिट कार्ड बकाया सितंबर में 21.9 फीसदी रहा। सरकारी बैंकों में यह सबसे ज्यादा 55.3 फीसदी, निजी बैंकों में 21.3 फीसदी और विदेशी बैंकों में 23.1 फीसदी रहा। आवासीय कर्ज में 14.8, ऑटो लोन में 15.9 और शिक्षा कर्ज में 42.6 फीसदी तक वृद्धि रही।
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नए साल में अर्थव्यवस्था की बढ़ेगी रफ्तार : कारोबार
सालाना पांच लाख से 15 लाख रुपये कमाने वालों पर पर्सनल लोन बकाया सितंबर में बढ़कर 37% पहुंच गया, जो सर्वाधिक है। सितंबर, 2021 में यह 26 फीसदी था।
15 लाख रुपये से अधिक आय वर्ग समूह पर पर्सनल लोन बकाया 16 से बढ़कर 25 फीसदी पहुंच गया।
पांच लाख रुपये से कम कमाने वाले लोगों पर बकाया एक फीसदी बढ़कर 18 फीसदी पहुंच गया है।