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Bank Locker: बैंक लॉकर के नियम, परिवार को भी खोलने की इजाजत नहीं, चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी प्रक्रिया

Mon, 03 Jul 2023 05:00 AM IST
गुलाम अहमद बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आप बैंक ल़ॉकर का उपयोग करते हैं तो नए नियम को जानना जरूरी है। आरबीआई ने लॉकर से जुड़े नियमों को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर, 2023 तक समय बढ़ा दिया है। इस नियम और बदलाव का गणित बताती यह रिपोर्ट-
 
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bank locker - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आरबीआई ने बैंक लॉकर के लिए नए एग्रीमेंट साइन करने की अंतिम तारीख पहले 1 जनवरी 2023 रखी थी। अब बढ़ाकर 31 दिसंबर 2023 कर दिया है। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी होनी है। आरबीआई ने बैंक लॉकर के 50% नए एग्रीमेंट 30 जून तक, 75 प्रतिशत 30 सितंबर तक और 100 प्रतिशत 31 दिसंबर 2023 तक साइन करवाने का लक्ष्य तय किया है। नए बैंक लॉकर ग्राहकों के लिए ये नियम 1 जनवरी 2022 से ही लागू हो चुके हैं। पुराने ग्राहकों के लिए नए एग्रीमेंट साइन करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2023 कर दी गई है।

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एग्रीमेंट में स्पष्ट तौर पर देनी होगी सामान की जानकारी
 बैंक लॉकर के नए नियमों के मुताबिक बैंक और ग्राहकों को नए एग्रीमेंट में स्पष्ट तौर पर ये उल्लेख करना होगा कि वहां किस तरह का सामान रखा जा सकता है और किस तरह का नहीं। इसी के साथ बैंक में कीमती वस्तुओं को रखने के लिए लॉकर की सुविधा लेने वाले लोगों से अब बैंक नए प्रकार के चार्ज वसूलना शुरू कर रहे हैं। इस नए नियम को ग्राहकों के साथ एग्रीमेंट में लाने के लिए बैंक कई प्रकार के स्टांप शुल्क वसूल रहे हैं। साथ ही फाइन चार्ज के नाम पर जेब ढीली कर रहे हैं।

बैंकों के साथ लॉकर रखने के लिए होने वाला नया एग्रीमेंट अब स्टांप पेपर पर साइन किया जाएगा। इसका खर्च पुराने ग्राहकों को नहीं उठाना है, बल्कि बैंक इसे मुफ्त में उपलब्ध कराएंगे। नए एग्रीमेंट को लेकर आरबीआई ने कई बदलाव किए हैं। ये लॉकर रखने वाले ग्राहकों के हितों की सुरक्षा करता है।
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दवाएं या जहरीला सामान नहीं रख सकते
बैंक लॉकर में हथियार, नकदी या विदेशी मुद्रा या दवाएं या कोई घातक जहरीला सामान नहीं रखा जा सकेगा। नए नियम बैंक को कई तरह की जिम्मेदारियों से मुक्त कर देंगे। अगर बैंक लॉकर का पासवर्ड या चाबी खो जाती है या उसका दुरुपयोग होता है तो बैंक की जिम्मेदारी नहीं होगी। ग्राहक के सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी बैंक की होगी। अगर बैंक ऐसा नहीं कर पाता है तो उसे समय-समय पर बदलने वाले इससे जुड़े नियमों के हिसाब से हर्जाना देना होगा।

नहीं होती थी गायब सामग्री की रिकवरी
पुराने लॉकर एग्रीमेंट में लोगों के लॉकर से गायब हुए सामान या किसी आपात स्थिति में लॉकर के अंदर उपलब्ध चीजें बर्बाद होने के बाद ग्राहकों के लिए रिकवरी कुछ नहीं होती थी। पंजाब नेशनल बैंक तथा भारतीय स्टेट बैंक समेत अन्य सरकारी बैंक सिर्फ नए एग्रीमेंट के लिए ग्राहकों से केवल केवाईसी से जुड़े कागजात ले रहे हैं जिसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड और दो फोटो शामिल है। एग्रीमेंट पर मुफ्त में सरकारी बैंक हस्ताक्षर ले रहे हैं और इसके बदौलत वह किसी भी प्रकार का शुल्क अपने ग्राहकों से नहीं वसूल रहे हैं।

किराये का 100 गुना मुआवजा 
बैंक लॉकर में रखा सामान यदि गायब हो जाता है तो आप लॉकर के लिए जितना किराया दे रहे हैं उसका 100 गुना आपको मुआवजा दिया जाएगा। चाहे आपने कितना ही कीमती सामान लॉकर में रखा हो। इसीलिए बैंक में लॉकर लेने से पहले आपको सारी शर्तों और जोखिम के बारे में जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए।

भारतीय रिजर्व बैंक के नियम के मुताबिक, बैंक लॉकर में अब ग्राहक सिर्फ जूलरी, जरूरी दस्तावेज और कानूनी तौर पर वैध सामान ही रख सकेंगे। बैंक लॉकर ग्राहकों को सिर्फ उनके निजी इस्तेमाल के लिए मिलेगा। साथ ही अब इनका कोई दूसरा उपयोग नहीं कर पाएगा। यानी परिवार के व्यक्तियों को आपस में एक-दूसरे का लॉकर खोलने की सुविधा नहीं होगी।

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