फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RBI MPC Announcement: नहीं बदलेगी ईएमआई, रिजर्व बैंक की एमपीसी ने ब्याज दरों को 5.25% पर रखा स्थिर

Wed, 08 Apr 2026 10:04 AM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

RBI MPC Announcement: आरबीआई एमपीसी की अप्रैल 2026 की बैठक में लिए गए फैसलों का गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को एलान किया। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से 'न्यूट्रल' रुख अपनाते हुए नीतिगत ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। आइए एमपीसी के फैसलों के बारे में विस्तार से जानें। 
विज्ञापन
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करते हुए बताया कि रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा गया है। केंद्रीय बैंक की ओर से नीतिगत ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने से यह तय हो गया है कि आम आदमी को फिलहाल ईएमआई के मामले में कोई राहत नहीं मिलेगी। 

विज्ञापन


रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ किया कि वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्षों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद और गति मजबूत बनी हुई है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद लिए गए इस फैसले ने बाजारों को स्थिरता और निरंतरता का स्पष्ट संकेत दिया है।

वैश्विक चुनौतियां और आर्थिक दृष्टिकोण पर गवर्नर क्या बोले?

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे निरंतर संघर्षों ने व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण पर दबाव डाला है, जिससे अत्यधिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। इन वैश्विक परिस्थितियों और बाहरी दबावों के कारण नीति निर्माताओं के लिए अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने हेतु सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है।

रेपो रेट पर मौद्रिक नीति समिति का क्या फैसला?

वैश्विक अस्थिरताओं के इस दौर में, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने घरेलू अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक बेहद संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। गवर्नर मल्होत्रा के अनुसार, समिति ने सर्वसम्मति से नीतिगत ब्याज दर पर यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में वोटिंग की। इसलिए रेपो रेट बिना किसी बदलाव के 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रहेगा। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंक ने अपना रुख न्यूट्रल रखा है। यह न्यूट्रल रुख दिखाता है कि रिजर्व बैंक बदलती परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में उचित कदम उठाने के लिए तैयार है।

महंगाई के बारे में क्या बोले आरबीआई गवर्नर

भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर यह है कि महंगाई दर पूरी तरह से नियंत्रण में बनी हुई है। आरबीआई गवर्नर ने पुष्टि की है कि महंगाई का स्तर सीमित है और यह केंद्रीय बैंक की ओर से निर्धारित चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है। महंगाई का इस सुरक्षित दायरे में रहना व्यापार जगत के लिए एक अनुकूल माहौल प्रदान करता है। 

आर्थिक विकास से जुड़े प्रमुख संकेतक क्या कह रहे?

भले ही वैश्विक परिदृश्य में भारी अनिश्चितताएं मौजूद हों, लेकिन भारत की घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत हैं। उच्च-आवृत्ति संकेतक इस बात की स्पष्ट गवाही देते हैं कि देश की आर्थिक गतिविधि में निरंतर गति बरकरार है। 

  • नीतिगत दर: मौद्रिक नीति समिति द्वारा रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है।
  • निर्णय व रुख: एमपीसी ति से यथास्थिति बनाए रखने का फैसला और नीतिगत रुख न्यूट्रल घोषित।
  • महंगाई: हेडलाइन महंगाई दर सफलतापूर्वक चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है।
  • वैश्विक स्थिति: चल रहे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व चुनौतियों और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।
  • घरेलू अर्थव्यवस्था: हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स देश में मजबूत आर्थिक गति का संकेत दे रहे हैं।

गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में आरबीआई की यह मौद्रिक नीति सतर्कता और आर्थिक मजबूती का एक बेहतरीन संयोजन पेश करती है। एक ओर जहां वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व अनिश्चितताएं आर्थिक आउटलुक को प्रभावित कर रही हैं, वहीं भारत में चार प्रतिशत से कम की महंगाई दर और मजबूत आंकड़े देश के आर्थिक लचीलेपन की गवाही देते हैं।

विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें