आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा (फाइल)
- फोटो : PTI
भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने तीन दिवसीय बैठक के बाद शुक्रवार को यह एलान किया। विशेषज्ञों ने पहले ही ब्याज दरों कटौती का अनुमान जताया था। इससे पहले, खुदरा महंगाई में गिरावट के बीच आरबीआई ने फरवरी से तीन चरणों में रेपो दर में एक फीसदी कटौती की थी। विशेषज्ञों का कहना है, विकास दर मजबूत बनी हुई है, लेकिन खुदरा मुद्रास्फीति में तेज गिरावट ने दर में कटौती की अतिरिक्त गुंजाइश पैदा कर दी यहां तक कि आरबीआई गवर्नर ने भी पिछले महीने कहा था कि नीतिगत ब्याज दरों में और कटौती की गुंजाइश है।
गवर्नर ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की कटौती का एलान किया है, इसके बाद नई दर 5.50% से गिरकर 5.25% पर आ गई है। अच्छी बात यह रही कि मौद्रिक नीति समिति के सभी सदस्य इस कटौती पर सहमत थे। अपने संबोधन में गवर्नर ने कहा कि ग्रोथ को गति देने के लिए यह फैसला जरूरी था। गौरतलब है कि फरवरी से जून तक आरबीआई ने दरों में कुल 1% की कटौती की थी, लेकिन पिछली दो बैठकों (अगस्त और सितंबर-अक्तूबर) में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
25 आधार अंकों की कटौती से कितनी कम होगी ईएमआई
यदि किसी ने 50 लाख रुपये का लोन 8.5 प्रतिशत की ब्याज दर से 20 साल के लिए लिया है और आरबीआई यदि 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा करती है तो उसकी ईएमआई कम हो जाएगी, जैसे कि पुराने ब्याज दर 8.5 प्रतिशत पर 43,391 रुपये की ईएमआई देनी पड़ती है, और ब्याज दरों पर कटौती के बाद नई ब्याज 8.25 प्रतिशत पर 42,603 रुपये हो जाएगी, जिसमें महीने में 788 रुपये की बचत और साल भर में 9,456 रुपये की बचत होगी। यदि आप ने 5 लाख रुपये का कार लोन 12 प्रतिशत की ब्याज दर पर लिया है तो 11,282 रुपये पुरानी ईएमआई पर देने पड़ रहे हैं, यदि कटौती हुई तो कार लोन की नई ईएमआई 11,149 रुपये होगी। जिसमें 133 रुपये महीने के और साल भर में 1,596 रुपये की बचत होगी।