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RBI MPC 2026: 'कम ब्याज दरों का लंबा दौर चलेगा', बोले आरबीआई गवर्नर; रुपये और महंगाई पर क्या प्रतिक्रिया?

Wed, 08 Apr 2026 01:04 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 2026 मौद्रिक नीति समीक्षा पर क्या बोले? जानिए क्यों कम ब्याज दरें लंबे समय तक जारी रहेंगी, रुपये पर उपाय क्यों अस्थायी हैं और हेडलाइन महंगाई पर क्या है आरबीआई का मुख्य लक्ष्य। 
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संजय मल्होत्रा - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 2026 मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आयोजित एक प्रेस वार्ता में देश की आर्थिक दिशा से जुड़े जरूरी संकेत दिए। उन्होंने बाजार को आश्वस्त किया है कि अर्थव्यवस्था में कम ब्याज दरों का दौर लंबे समय तक जारी रह सकता है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए हाल ही में उठाए गए कदम केवल अस्थायी हैं। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद गवर्नर का यह बयान बाजार सहभागियों और निवेशकों के लिए भविष्य की नीतियों का एक पारदर्शी खाका पेश करता है।

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कम ब्याज दरें और रुपये की स्थिति
मीडिया को संबोधित करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस बात पर जोर दिया कि कम ब्याज दरें लंबी अवधि तक बनी रह सकती हैं, जो व्यापार जगत और आर्थिक विकास के लिए एक अनुकूल माहौल प्रदान करेगा। इसके अलावा, भारतीय रुपये में हो रहे उतार-चढ़ाव पर बात करते हुए उन्होंने बाजार की चिंताओं को दूर किया। गवर्नर ने कहा, "रुपये की अस्थिरता को रोकने के लिए हाल ही में जो उपाय किए गए हैं, वे हमेशा के लिए लागू नहीं रहेंगे।" यह इस बात का संकेत है कि केंद्रीय बैंक समय के साथ बाज़ार की ताकतों को तरजीह देगा।

नीति में ढांचागत बदलाव: कोर महंगाई के अनुमान 
रिजर्व बैंक ने अपनी इस 2026 मौद्रिक नीति समीक्षा में एक महत्वपूर्ण ढांचागत बदलाव किया है, जिसके तहत अब कोर महंगाई के अनुमान भी जारी किए गए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब गवर्नर मल्होत्रा से इस नीतिगत बदलाव के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि बाजार सहभागियों की तरफ से लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी।  मल्होत्रा ने कहा कि चूंकि केंद्रीय बैंक ने हाल ही में अपनी पांच वर्षीय समीक्षा पूरी की है, इसलिए नीति निर्माताओं को लगा कि कोर महंगाई के आंकड़े पेश करने का यह सबसे सही समय है।
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हेडलाइन मुद्रास्फीति ही है प्राथमिक लक्ष्य
मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा और कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए गवर्नर ने स्पष्ट किया कि मौद्रिक नीति कोई पूर्व-निर्धारित कार्रवाई नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिजर्व बैंक का पहला लक्ष्य हेडलाइन महंगाई को निर्धारित दायरे के भीतर बनाए रखना ही है। हालांकि मुख्य लक्ष्य हेडलाइन महंगाई को साधना है, लेकिन इसके साथ ही महंगाई के विभिन्न घटकों और वे कहां से उत्पन्न हो रहे हैं, इस पर बारीकी से नजर रखना भी बहुत महत्वपूर्ण है। मल्होत्रा के अनुसार, यही हमेशा से मौद्रिक नीति समिति और आरबीआई की एक सुसंगत नीति रही है। 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा विकास को समर्थन देने और महंगाई को पूरी तरह नियंत्रित रखने के बीच एक सटीक संतुलन दिखाती है। लंबे समय तक कम ब्याज दरों का संकेत जहां उद्योग जगत के लिए एक बड़ी राहत है।
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