भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नियामक अनुपालन से जुड़ी कमियों के लिए इंडियन बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज पर जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
आरबीआई के अनुसार, बैंकिंग विनियमन अधिनियम के कुछ प्रावधानों के उल्लंघन करने और 'अग्रिमों पर ब्याज दर', 'किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना' और 'सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण' से जुड़े निर्देशों का पालन न करने के लिए इंडियन बैंक पर 1.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावे, आरबीआई ने 'गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी- प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण गैर-जमा स्वीकार करने वाली कंपनी और जमा स्वीकार करने वाली कंपनी (रिजर्व बैंक) निर्देश, 2016' और 'अपने ग्राहक को जानो' निर्देशों के कुछ प्रावधानों का अनुपालन न करने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड पर 71.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
दोनों मामलों में, केंद्रीय बैंक ने कहा कि दंड विनियामक अनुपालन में कमियां मिलीं हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य इन संस्थाओं की ओर से अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी लेनदेन या समझौते की वैधता पर निर्णय लेना नहीं है।
आरबीआई ने जालंधर स्थित इंपीरियल अर्बन को-ऑप बैंक का लाइसेंस किया रद्द
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने जालंधर स्थित इंपीरियल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है, क्योंकि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। पंजाब सरकार के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से भी बैंक को बंद करने का आदेश जारी करने और बैंक के लिए परिसमापक नियुक्त करने का अनुरोध किया गया है।
परिसमापन पर, प्रत्येक जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से 5 लाख रुपये तक की अपनी जमा राशि पर जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। बैंक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, आरबीआई ने कहा कि 97.79 प्रतिशत जमाकर्ता डीआईसीजीसी से अपनी जमा राशि की पूरी राशि प्राप्त करने के हकदार हैं। 31 जनवरी, 2025 तक डीआईसीजीसी ने कुल बीमित जमाराशियों में से 5.41 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है।