रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा बुधवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करेंगे। लगातार तीन बार 100 आधार अंकों की कटौती के बाद ब्याज दरों में ठहराव की उम्मीद है। मल्होत्रा सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के प्रस्ताव की घोषणा करेंगे। मल्होत्रा की अध्यक्षता वाले छह सदस्यीय पैनल ने सोमवार को मौद्रिक नीति पर तीन दिवसीय विचार-विमर्श शुरू किया।
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर और वित्तीय सेवा जोखिम प्रमुख विवेक अय्यर ने कहा कि आरबीआई की एमपीसी बैठक में ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं होगी और उन्होंने इसके लिए कारण भी बताए। उन्होंने कहा कि बाह्य वातावरण अभी भी बहुत अस्थिर और अनिश्चित बना हुआ है तथा मौद्रिक संचरण को प्रभावी होने में कुछ और समय लगेगा।
अय्यर ने कहा, "हमारा मानना है कि टैरिफ अनिश्चितता को पहले की गई ब्याज दरों में कटौती में ध्यान में रखा गया था, इसलिए हमारा मानना है कि टैरिफ की स्थिति को आरबीआई के निर्णय पर कोई खास प्रभाव नहीं डालना चाहिए।" आरईए इंडिया (हाउसिंग डॉट कॉम) के सीईओ प्रवीण शर्मा ने कहा कि आरबीआई ने इस वर्ष पहले ही 100 आधार अंकों की कटौती कर दी है, इसलिए एमपीसी से आगामी नीति घोषणा में यथास्थिति बनाए रखने की उम्मीद है।
शर्मा ने कहा, "हालांकि कम ब्याज दर का माहौल हमेशा सकारात्मक होता है, लेकिन आज के घर खरीदार अल्पकालिक ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बजाय दीर्घकालिक आत्मविश्वास से प्रेरित होते हैं। वहीं दूसरी ओर, डेवलपर्स लचीली भुगतान योजनाओं और स्मार्ट प्रोत्साहनों की पेशकश करके इस गति को बनाए रख रहे हैं जिससे वित्तीय बोझ कम होता है और खरीदार की सामर्थ्य बढ़ती है।"